Rohtas News : विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज की 139वीं जयंती के अवसर पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को करियावा बाल, धारूपुर में आयोजित होने वाले 5101 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में यज्ञ कुंड तैयार किए जा रहे हैं. शुक्रवार को विहंगम योग संत समाज के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया.
दूर-दूर तक नजर आ रही यज्ञ कुंडों की कतार
आयोजन स्थल पर दूर-दूर तक यज्ञ कुंडों की कतारें तैयार की जा रही हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैठने, आवागमन, पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें आयोजन स्थल की व्यवस्था में जुटी हैं.
पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. यज्ञ के संयोजक सियाराम प्रसाद, संरक्षक व बिक्रमगंज नगर के पूर्व उप चेयरमैन विकास सिंह, जिला सचिव भृगुनाथ सिंह, अनुमंडल प्रभारी शारदा देवी, संयोजक रामधनी सिंह, कार्यक्रम सेवक छोटू पटेल, अनुमंडल सत्संग प्रभारी डॉ. जय प्रकाश, सह संयोजक लालचंद पटेल, उपदेश्ता विंध्याचल देवी और युवा सुरक्षा प्रभारी उत्तम कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं.
31 अगस्त से शुरू होगा दो दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन
यज्ञ संयोजक सियाराम जी ने बताया कि दो दिवसीय समारोह में आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ 5101 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ मुख्य आकर्षण रहेगा. 31 अगस्त को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक ध्वजारोहण, आसन-प्राणायाम और ध्यान का कार्यक्रम होगा. शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज की दिव्यवाणी और जय स्वर्वेद कथा आयोजित होगी.
एक सितंबर को होगा मुख्य यज्ञ
एक सितंबर को सुबह 10 बजे से 5101 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ शुरू होगा. शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक दिव्यवाणी और रात 8 बजे से सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्रदेव जी महाराज की अमृतवाणी का कार्यक्रम निर्धारित है.
नि:शुल्क योग प्रशिक्षण और चिकित्सा शिविर भी लगेगा
आयोजन के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा, नि:शुल्क आसन-प्राणायाम एवं ध्यान प्रशिक्षण तथा चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा. आयोजकों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती
श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं. आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा, अनुशासन, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सभी स्तरों पर तैयारी की जा रही है.
