Sasaram News : नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में संभावित छात्र आंदोलन को देखते हुए शुक्रवार को रोहतास जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती की गई. जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने स्वयं पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
रेलवे स्टेशन से बाजार तक सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी फ्लैग मार्च के दौरान डीएम और एसपी ने रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस चौक समेत शहर के प्रमुख इलाकों का भ्रमण किया. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की.
सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचना फैलाने वालों की लगातार निगरानी की जा रही है. कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
22 वर्षों में कई बड़े छात्र आंदोलन देख चुका है सासाराम प्रशासन की सतर्कता के पीछे शहर का आंदोलन का इतिहास भी एक बड़ी वजह है. वर्ष 2004 में छात्र आंदोलन के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी. वर्ष 2006 में प्रदर्शन के दौरान करीब 10 ट्रकों में आग लगा दी गई थी. इसके बाद फरवरी 2022 में कोचिंग छात्रों का आंदोलन और 17 जून 2022 को अग्निवीर आंदोलन के दौरान रेलवे स्टेशन, टोल प्लाजा और भाजपा कार्यालय को भी नुकसान पहुंचाया गया था. इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही पूरी तरह मुस्तैद नजर आया.
