विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम के दौरान छात्रों को फिजियोथैरेपी के महत्व, इसकी आवश्यकता और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई.
विशेषज्ञों ने फिजियोथैरेपी की उपयोगिता बतायी
कार्यक्रम के पहले दिन फिजियोथैरेपी के विशेषज्ञों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से छात्रों को इस विधा से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी. विशेषज्ञों ने वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर फिजियोथैरेपी की बढ़ती आवश्यकता और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
देव मंगल सभागार में हुआ समापन सत्र
कार्यक्रम के समापन सत्र का आयोजन देव मंगल सभागार में हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा गणेश वंदना से हुई. इसके बाद विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह, कुलसचिव प्रो. डॉ. कुमार आलोक प्रताप, सहायक कुलसचिव मिथिलेश कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह एवं छात्र कल्याण डीन डॉ. आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
डीन ने कार्यक्रम की महत्ता पर डाला प्रकाश
संकाय के डीन डॉ. नीरज कुमार ने अतिथियों, विभिन्न संकायों के शिक्षकों एवं छात्रों का स्वागत किया. उन्होंने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए फिजियोथैरेपी के क्षेत्र से जुड़ी जानकारी छात्रों के लिए उपयोगी बतायी.
फिजियोथैरेपी हर घर की जरूरत बन रही
प्रतिकुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में फिजियोथैरेपी हर घर की आवश्यकता बनती जा रही है. विश्वविद्यालय इस विधा को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है.
दक्ष युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह ने छात्रों को लगन और मेहनत से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में दक्ष युवाओं के लिए वर्तमान समय में रोजगार और बेहतर भविष्य के अनेक अवसर उपलब्ध हैं.
शिक्षक और छात्र रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. अवनीश रंजन, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. एचके सिंह, डॉ. एसके सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे.
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