Rohtas News : विद्यार्थियों की शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं के समाधान के लिए बिहार सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत की है. इसके तहत अब विद्यार्थियों की शिकायतों और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज कराकर उनके समाधान की व्यवस्था की गयी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के जेडी वूमेंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पोर्टल का शुभारंभ किया. कार्यक्रम से डीएम दीपक कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य और संबंधित पदाधिकारी जुड़े.
कक्षा से लेकर पेयजल और शौचालय तक की शिकायत होगी दर्ज
पोर्टल पर वास्तविक विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याओं की ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगे. कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होना, शिक्षक या प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति, परीक्षा में देरी, परिणाम का समय पर प्रकाशन नहीं होना और अनधिकृत शुल्क की वसूली जैसी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी. इसके अलावा बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं की भी शिकायत की जा सकेगी. कोचिंग और विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्याओं को भी पोर्टल के माध्यम से उठाया जा सकेगा.
25 अगस्त को पहला विद्यार्थी सहयोग शिविर
‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य के तहत प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जायेगा. अवकाश होने की स्थिति में शिविर अगले कार्य दिवस पर लगाया जायेगा. पहला शिविर 25 अगस्त को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है. शिविर में विद्यार्थियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित शिक्षण संस्थानों में कियोस्क बनाया जायेगा.
30 दिनों के भीतर करना होगा शिकायतों का निस्तारण
शिविर में प्राप्त शिकायतों के अंतिम निस्तारण के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गयी है. विद्यार्थियों को शिकायत दर्ज कराने में परेशानी न हो, इसके लिए कियोस्क पर कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी. स्थानीय पदाधिकारी विद्यार्थियों को शिकायत दर्ज कराने में सहयोग करेंगे.
कॉलेज से लेकर छात्रावास तक में लगेगा शिविर
विद्यार्थी सहयोग शिविर सरकारी विश्वविद्यालय, कॉलेज, अभियंत्रण एवं चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पारा मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग स्कूल और विभिन्न सरकारी छात्रावासों समेत अन्य शिक्षण संस्थानों में आयोजित किया जायेगा. इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और विद्यार्थी केंद्रित बनाना है.
21 अगस्त को अधिकारियों को दिया जायेगा प्रशिक्षण
पोर्टल के संचालन को लेकर 20 अगस्त को एनआईसी के माध्यम से जिला स्तरीय पदाधिकारियों और आईटी प्रबंधकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. वहीं, 21 अगस्त को जिला स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होगा. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी शिक्षण संस्थानों में पोर्टल की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचायी जाये और शिविर के दौरान आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध रहें.
समाधान से असंतुष्ट विद्यार्थी मुख्यमंत्री स्तर पर रख सकेंगे शिकायत
शिकायत के समाधान से असंतुष्ट विद्यार्थी राज्यस्तरीय सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री के स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय शिविर निर्धारित किया गया है. डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के उपयोगी सुझावों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का निर्देश दिया है. विद्यार्थियों की सहायता के लिए 1100 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.
