Rohtas News : रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष सह दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह से जुड़े कथित फेसबुक वीडियो विवाद में रोहतास साइबर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. विधायक की शिकायत पर रोहतास साइबर थाना में मामला दर्ज कर भारत सरकार के 'सहयोग (Sahyog)' पोर्टल के माध्यम से फेसबुक पर अपलोड किए गए तीन वीडियो लिंक को हटाने का अनुरोध भेजा गया है. पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार तीनों लिंक फिलहाल "पेंडिंग" स्थिति में हैं और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है.
साइबर डीएसपी बोले- जांच जारी, निर्णय के बाद होगी आगे की कार्रवाई
डीएसपी साइबर, सासाराम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद रोहतास साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर प्रारंभिक जांच की गई. जांच के दौरान संबंधित तीन फेसबुक वीडियो लिंक को हटाने के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से भारत सरकार को अनुरोध भेजा गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल तीनों लिंक पर कार्रवाई लंबित है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच जारी है.
मानहानि के प्रावधानों के तहत चल रही प्रक्रिया
सहयोग पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के अनुसार मामले में मानहानि से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है. फिलहाल इस मामले में सत्यप्रकाश राय उर्फ मनपत राय का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है. उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.
क्या है पूरा मामला?
27 जुलाई 2026 को रोहतास साइबर थाना को दिए गए आवेदन में रालोमो प्रदेश अध्यक्ष एवं दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि सत्यप्रकाश राय उर्फ मनपत राय, पिता राजबहादुर राय, निवासी ग्राम तेनुआज, पोस्ट एवं थाना नटवार, जिला रोहतास, जो आवेदन के अनुसार इंडिया न्यूज से जुड़े हैं, ने उनकी पत्नी संगीता कुमारी के फेसबुक अकाउंट के माध्यम से विधायक के खिलाफ कथित मानहानिकारक वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए.
विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
आवेदन में कहा गया है कि वीडियो में विधायक पर अवैध बालू खनन, चोरी, जहरखुरानी और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं. विधायक ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ ऐसे किसी भी आरोप से संबंधित कोई प्राथमिकी, आरोपपत्र या न्यायालय में कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है. उनका आरोप है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह सामग्री प्रसारित की गई.
वीडियो हटाने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
विधायक ने अपने आवेदन में फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित वीडियो हटाने, संबंधित यूआरएल, आईपी लॉग, मेटाडाटा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषी के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सक्षम प्राधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी.
