निष्क्रिय खातों में रुके 77 करोड़ रुपये लौटाने का अभियान तेज

SASARAM NEWS.शहर के फजलगंज स्थित मल्टीपर्पस हॉल में शुक्रवार को वित्त मंत्रालय व भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय अभियान ''आपकी पूंजी, आपका अधिकार'' कार्यक्रम आयोजित हुआ.

बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों के बारे में जागरूकता शिविर आपकी पूंजी, आपका अधिकार का आयोजन सासाराम ग्रामीण. शहर के फजलगंज स्थित मल्टीपर्पस हॉल में शुक्रवार को वित्त मंत्रालय व भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय अभियान ””””आपकी पूंजी, आपका अधिकार”””” कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसका उद्देश्य जिले के विभिन्न बैंकों के 2 लाख 28 हजार 547 निष्क्रिय खातों में पड़ी करीब 77 करोड़ रुपये की राशि को उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाना है. ये वे खाते हैं जिनमें पिछले दस वर्ष से अधिक समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है और राशि बिना दावे के वित्तीय संस्थानों में पड़ी है. इन निष्क्रिय खातों में सर्वाधिक 24.82 करोड़ रुपये भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं में पड़ी राशि बतायी गयी है. इस विशेष अभियान के तहत सभी बैंकों को खाताधारकों की खोज कर राशि उनके या उनके आश्रितों के खातों में वापस करने का निर्देश दिया गया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता डीडीएम नाबार्ड सुनील कुमार ने की. उन्होंने उपस्थित ग्राहकों से अभियान के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे, ताकि वे अपनी पूंजी का दावा कर सकें. पीएनबी मंडल कार्यालय औरंगाबाद के मुख्य प्रबंधक अजीत हर्षवर्धन ने बताया कि बैंक बिजनेस फैसिलिटेटर के माध्यम से खाताधारकों का पता लगाने में सहयोग ले रहे हैं. राज्य स्तरीय बीमा समिति के प्रतिनिधि सुमित ने बीमा दावों की सरल प्रक्रिया पर जानकारी दी. वहीं एलडीएम शैलेश कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को निष्क्रिय खातों में पड़ी राशि के प्रति जागरूक करना, केवाइसी अद्यतन, सक्रिय खाता और उचित नामांकन जैसी अच्छी वित्तीय आदतों को प्रोत्साहित करना है. कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा जारी 7.30 मिनट का जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे लोगों ने काफी ज्ञानवर्धक बताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Vikash Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >