बिहार जब तक गुरु रहा, तब तक भारत विश्व गुरु रहा : वीसी

एसपी जैन कॉलेज में एनएसएस एनआइसी कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, 22 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम

सासाराम ऑफिस. जहां तक गुरु की बात है, यह वही क्षेत्र है, जहां चाणक्य जैसे शिक्षक ने चंद्रगुप्त मौर्य को चक्रवर्ती सम्राट बनाया. शिक्षा की इससे बड़ी मिसाल कहीं और नहीं मिलती. हजारों साल पहले महापद्मनंद के समय भी बिहार सामाजिक और सांस्कृतिक क्रांति देख चुका है. यह हमारे लिए नयी बात नहीं है. भारत तब तक विश्व गुरु रहा, जब तक बिहार गुरु रहा. यह मेरा ओपन चैलेंज है. यह बात वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चर्तुवेदी ने सोमवार को एसपी जैन कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय एकीकरण शिविर (एनएसएस एनआइसी) 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं. उन्होंने कहा कि बिहार में वह मेधा शक्ति है, जो चाहे वह कर ले. आप जागिए, बिहार को फिर से गुरु बनाइए, भारत स्वयं विश्व गुरु बन जायेगा. वहीं, उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप जो स्वयंसेवक यहां आए हुए हैं, यह जान लें कि यह वह जमीन है जिसने हजारों वर्ष तक पूरे विश्व पर अपनी हुकूमत दर्ज करायी है. इसका गौरवशाली इतिहास रहा है. विरोधाभासों के बीच भी बिहार आगे बढ़ता रहा है. दुनिया की सबसे बड़ी केंद्रीकृत नौकरशाही अगर गंगा के उस पार रही है, तो पहली विकेंद्रीकृत नौकरशाही की शुरुआत भी यहीं से हुई है. यानी शासन पद्धति की दोनों व्यवस्थाओं के जनक हम बिहारवासी ही हैं. एसपी जैन कॉलेज परिसर भी सुंदर बगीचे की तरह दिख रहा : उपेंद्र कुशवाहा विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जिस तरह बगीचे में अनेक रंगों के फूल खिलते हैं, तो वह सुंदर दिखता है, उसी तरह आज एसपी जैन कॉलेज परिसर भी सुंदर बगीचे की तरह दिख रहा है. यहां 16 राज्यों के बच्चों के आ जाने से मिनी भारत का दर्शन हो रहा है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का राजमा चावल, राजस्थान की दाल बाटी चूरमा, बिहार का लिट्टी चोखा, पश्चिम बंगाल का मछली भात और दक्षिण भारत का डोसा इडली हमारी विविधता को दर्शाते हैं. एनएसएस क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने एनएसएस के संबंध में बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरुआत 24 सितंबर 1969 को हुई थी. वर्तमान में 771 विश्वविद्यालयों, 33500 कॉलेजों और 42800 इकाइयों में 42 लाख स्वयंसेवक सक्रिय हैं. बिहार व झारखंड में 47 विश्वविद्यालयों, 575 कॉलेजों और 126 स्कूलों की 1235 इकाइयों में एक लाख 23 हजार 500 स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं. मौके पर प्राचार्य नवीन कुमार, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ साधना रावत सहित विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, व्याख्याता, कर्मचारी व अन्य मौजूद रहे. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार, राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय बिहार व झारखंड तथा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शिविर आगामी 22 फरवरी तक चलेगा.

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Published by: Panchdev kumar

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