सासाराम: पांच दिन बैंकिंग और PLI सुधार को लेकर बैंककर्मियों का हल्लाबोल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बैंक कर्मचारी 5 दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) में सुधार की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं. मांगों पर ध्यान न देने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है.

Sasaram Banking News: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक अधिकारी और कर्मचारी एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल का सासाराम में व्यापक असर देखने को मिला. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पीएनबी, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया सहित तमाम राष्ट्रीयकृत बैंकों की मुख्य शाखाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

IBA समझौते के बाद भी केंद्र की हरी झंडी का इंतजार

बैंककर्मियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक यूनियनों और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के बीच हुए वेतन समझौते में 5-डे बैंकिंग व्यवस्था को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है. इसके बावजूद केंद्र सरकार इसे धरातल पर लागू करने में लगातार टालमटोल कर रही है. बैंक संगठनों का कहना है कि सरकार से बार-बार वार्ता और अनुरोध के बाद भी कोई सकारात्मक अधिसूचना जारी नहीं की गई, जिससे कर्मियों में भारी असंतोष है.

पीएलआई में भेदभाव पर गहरा आक्रोश

प्रदर्शनकारी कर्मियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के मौजूदा नियमों को पूरी तरह पक्षपातपूर्ण करार दिया. उनका आरोप है कि शाखाओं में दिन-रात काम करने वाले छोटे कर्मचारियों और कनिष्ठ अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों का पीएलआई तय है, जबकि शीर्ष प्रबंधन के बड़े अधिकारियों के लिए 365 दिनों के मूल वेतन तक पीएलआई का प्रावधान रखा गया है. बैंक संगठनों ने इस भारी अंतर को तत्काल समाप्त कर सभी संवर्गों के लिए समान व न्यायसंगत नीति लागू करने की मांग की.

28 सितंबर को फिर हड़ताल, 26 अक्टूबर से आर-पार का एलान

एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय सह गया अंचल समिति के सदस्य रितेश कुमार रंजन ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार की हड़ताल सिर्फ एक सांकेतिक चेतावनी थी. एसबीआई अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सिकंदर कुमार सिंह और कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव ब्रजेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल निर्णय नहीं लिया, तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल होगी. इसके बाद भी मांगें अनसुनी रहने पर 26 अक्टूबर से पूरे देश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी.

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By जितेंद्र कुमार पासवान

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