Rohtas News : रोहतास जिले के पशुपालकों को जल्द ही पशुओं के इलाज के लिए महंगी दवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र योजना के तहत जिले के प्रत्येक प्रखंड में पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जहां कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पशु दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को इलाज के लिए शहरों का चक्कर लगाने से राहत मिलेगी.
हर प्रखंड तक होगी केंद्रों की पहुंच
योजना के तहत राज्यभर में करीब एक हजार पशु जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाने हैं. रोहतास जिले के सभी विकास खंडों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन केंद्रों की पहुंच सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है. इन केंद्रों पर गाय, भैंस, बकरी समेत अन्य पालतू पशुओं के इलाज में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी.
इलाज का खर्च होगा कम
इन केंद्रों से सस्ती दरों पर दवाएं मिलने से पशुपालकों के इलाज पर होने वाला खर्च कम होगा. साथ ही समय पर दवा मिलने से पशुओं का इलाज आसान होगा और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी राहत मिलेगी.
महिलाओं को मिलेगा रोजगार
योजना के तहत पशु जन औषधि केंद्र खोलने के लिए फार्मासिस्ट का पंजीकरण और ड्रग लाइसेंस अनिवार्य होगा. इसमें बिहार की सुधा सहकारिता समितियों और महिला समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
पशुपालकों के लिए होगी बड़ी राहत
जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र प्रभाकर ने बताया कि पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर दवा उपलब्ध होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी. विभाग योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी में जुटा है.
डॉ. प्रभाकर ने कहा कि समय पर इलाज मिलने से पशुओं की मृत्यु दर और आर्थिक नुकसान में कमी आएगी. खासकर छोटे और सीमांत पशुपालकों के लिए यह योजना काफी लाभकारी साबित होगी.
