saran news : हाइवे पर सुरक्षा के लिए दो हाइटेक गाड़ियां तैनात, गश्ती व्यवस्था हुई मजबूत

saran news : एनएच व एसएच पर हाइटेक वाहनों से होगी स्पीड मॉनीटरिंगशराब तस्करों पर भी रखी जायेगी विशेष नजर

छपरा. छपरा से गुजरने वाले मुख्य राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय सड़क पर अब पुलिस विभाग की ओर से गश्ती को और सशक्त किया गया है.

सड़क दुर्घटनाओं, शराब तस्करी और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण के उद्देश्य से विभाग ने हाइवे पर दो आधुनिक गश्ती वाहनों का संचालन शुरू कर दिया है. इन वाहनों की तैनाती बनियापुर तथा मांझी हाइवे पर की गयी है. इससे अब आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. जानकारी के अनुसार, मांझी, बनियापुर सहित कुल दो प्रमुख हाइवे के इंट्रेस व एग्जिट प्वाइंट पर इन गाड़ियों को तैनात किया गया है. ये वाहन विशेष रूप से अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं, जिनमें एक खास स्पीड मॉनीटरिंग मीटर लगा है. यह मीटर हाइवे पर चल रहे अन्य वाहनों की गति को मापकर तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई करना आसान होगा. शराब तस्करों पर भी इससे विशेष नजर रखी जा रही है. वहीं, एसएसपी डॉ कुमार आशीष के निर्देश पर हाइवे की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल का गठन किया गया है, जो आपराधिक घटनाओं के साथ-साथ शराब तस्करों पर भी अपनी नजर बनाये रहता है. रात्रि में इस गाड़ी में पुलिस पदाधिकारी की एक टीम नियमित तौर पर पूरे हाइवे पर सुरक्षा के मद्देनजर जिले में एंट्रेंस तथा एग्जिट प्वाइंट पर अलर्ट रहती है. वहीं, ट्रैफिक डीएसपी संतोष कुमार पासवान ने बताया कि इन गाड़ियों की तैनाती से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आयेगी, बल्कि सड़क पर हो रहे अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. साथ ही हाइवे पर होने वाली आपराधिक घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी. वहीं, इन वाहनों से सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण दोनों को समान रूप से मजबूत किया जा रहा है.

गश्ती वाहनों की तकनीकी विशेषताएं

स्पीड राडार सिस्टम : सड़क पर चल रहे वाहनों की वास्तविक समय में गति मापने की क्षमताजीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम : गश्ती वाहन के लोकेशन की लाइव मॉनीटरिंग और कंट्रोल रूम से सीधा समन्वय

हाइ-पावर सर्च लाइट : रात में और कम रोशनी वाले क्षेत्रों में स्पष्ट दृश्यता के लिएसायरन व पब्लिक एड्रेस सिस्टम : आपात स्थिति में तुरंत सतर्क करने और घोषणा करने के लिए

डैशबोर्ड कैमरा (डैशकैम) : घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड रखने के लिए, जिससे जांच और साक्ष्य एकत्र करना आसान होगाफर्स्ट एड किट : दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए

टू-वे वायरलेस कम्युनिकेशन : कंट्रोल रूम और अन्य पुलिस टीमों से सीधा संपर्क रखने के लिए.

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Published by: Shailesh kumar

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