छपरा में चिरांद चेतना महोत्सव में दिखेगी 8 हजार साल पुरानी विरासत की झलक, गंगा महाआरती के साक्षी बनेंगे 1 लाख लोग

Saran News : छपरा में 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा, सरयू और सोन नदियों के त्रिवेणी संगम तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल चिरांद में 19वें चिरांद चेतना महोत्सव सह गंगा गरिमा रक्षा संकल्प समारोह का आयोजन होगा.

Saran News : (प्रभात किरण हिमांशु) छपरा में 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा, सरयू और सोन नदियों के त्रिवेणी संगम तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल चिरांद में 19वें चिरांद चेतना महोत्सव सह गंगा गरिमा रक्षा संकल्प समारोह का आयोजन होगा। महोत्सव के जरिए चिरांद की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और गंगा संरक्षण के संदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की जाएगी.

गंगा महाआरती और चित्र प्रदर्शनी होंगे आकर्षण का केंद्र

महोत्सव के अंतर्गत संध्याकालीन सत्र में भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले पुरातात्विक स्थल स्थित भवन में विशेष चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुकों को प्राचीन भारत के सतत विकास मॉडल, कृषि संस्कृति, नदी सभ्यता और चिरांद के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया जाएगा.

नई पीढ़ी को मिलेगी प्राचीन कृषि संस्कृति की जानकारी

प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों और शोध सामग्री के माध्यम से बताया जाएगा कि हजारों वर्ष पहले भी भारतीय सभ्यता प्रकृति के साथ संतुलित विकास के सिद्धांत पर आधारित थी। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन कृषि संस्कृति, नदी सभ्यता और पर्यावरण संरक्षण की परंपरा से जोड़ना है.

रामायण से जुड़े चिरांद के महत्व को मिलेगा नया आयाम

आयोजकों ने प्रेस वार्ता में बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र जनकपुर यात्रा के दौरान गंगा, सरयू और सोन के त्रिवेणी संगम स्थित चिरांद क्षेत्र में रात्रि विश्राम के लिए रुके थे। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए चिरांद को ‘राम अभ्युदय यात्रा केंद्र’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा.

देश-विदेश से पहुंचेंगे संत, शोधकर्ता और श्रद्धालु

चेतना महोत्सव के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा, सचिव श्रीराम तिवारी, सदस्य रामदयाल शर्मा, राजेश पांडेय और देवेश नाथ दीक्षित ने बताया कि इस आयोजन में देशभर के कई संत-महात्मा, इतिहासकार, शोधकर्ता, विद्यार्थी और श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके अलावा विदेशों से भी कई डेलिगेट्स की टीम इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने पहुंचेगी.

एक लाख से अधिक लोग बनेंगे गंगा महाआरती के साक्षी

आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी, गंगा पूजन, भव्य गंगा महाआरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। अनुमान है कि एक लाख से अधिक लोग गंगा महाआरती के साक्षी बनेंगे। चिरांद पहुंचने के लिए डोरीगंज के पास एनएच-19 से जुड़ा मार्ग उपलब्ध है.

विश्व मानचित्र पर चिरांद को स्थापित करने का प्रयास

आयोजकों ने बताया कि चिरांद नवपाषाण कालीन सभ्यता का महत्वपूर्ण पुरातात्विक केंद्र है, जहां से कई ऐतिहासिक अवशेष प्राप्त हुए हैं और उन्हें स्थानीय संग्रहालय में संरक्षित रखा गया है। स्थानीय लोगों और चिरांद चेतना महोत्सव समिति की ओर से वर्षों से इस ऐतिहासिक स्थल को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होने की अपील की.

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By Vivek Singh

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