Saran News: स्थानीय मनरेगा कार्यालय में 28 जुलाई को हुई मारपीट, गाली-गलौज और रंगदारी मांगने के आरोप-प्रत्यारोप के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है. मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी नंदन कुमार आस्तिक के लिखित आवेदन के आधार पर मढ़ौरा थाने में प्रखंड प्रमुख नीतू कुमारी समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
प्राथमिकी के अनुसार, 28 जुलाई की दोपहर भलूही गांव निवासी विकास कुमार राय कथित तौर पर मनरेगा कार्यालय में पहुंचे और वहां मौजूद कर्मियों के साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विकास कुमार राय ने रंगदारी की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर सरकारी कामकाज ठप करने की धमकी दी.
सरकारी लैपटॉप ले जाने का भी आरोप
कार्यक्रम पदाधिकारी ने पुलिस को दिये आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना से करीब 14 दिन पहले आरोपी एक सरकारी लैपटॉप भी जबरन उठाकर ले गया था. आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मनरेगा कार्यालय में हुई घटना प्रखंड प्रमुख नीतू कुमारी के पति मिथिलेश कुमार राय के इशारे और कथित शह पर की गयी.
तीन लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
मनरेगा पीओ के आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मढ़ौरा थाने में कांड संख्या 650/26 दर्ज की गयी है. मामले में विकास कुमार राय, प्रखंड प्रमुख नीतू कुमारी समेत तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच
मढ़ौरा थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राज किशोर प्रसाद ने बताया कि मनरेगा कार्यालय में हुई मारपीट के मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं. पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच साक्ष्य के आधार पर कर रही है. जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी.
