मढ़ौरा सारण से मनोकामना सिंह की रिपोर्ट
MLC Sunil Singh on liquor ban law: राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है. राजद एमएलसी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में शराब भगवान जैसी हो गई जो दिखती तो कहीं नहीं है लेकिन बिकती हर जगह है. राजद एमएलसी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सम्राट सरकार पर तंज कसा है.
राजद एमएलसी ने सरकार को घेरा
दरअसल, सारण के मढ़ौरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधान पार्षद और पूर्व बिस्कोमान अध्यक्ष सुनील सिंह ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर आम लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर जन-आंदोलन की चेतावनी भी दी.
किस कार्यक्रम में पहुंचे थे MLC सुनील सिंह?
मढ़ौरा के शिवगंज स्थित तेजपुरवा मुखिया के आवासीय परिसर में बुधवार देर शाम सहकारिता नेता स्वर्गीय वकील प्रसाद यादव की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में सहकारिता, पैक्स और पंचायत से जुड़े कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. इसी दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में एमएलसी सुनील सिंह ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी.
जनता की परेशानियों को लेकर क्या बोले सुनील सिंह?
सुनील सिंह ने कहा कि बिजली, पानी, सड़क और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं में ढिलाई के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका आरोप था कि जनता की बुनियादी जरूरतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है.
शराबबंदी नीति पर उन्होंने क्या सवाल उठाए?
राजद एमएलसी ने बिहार की शराबबंदी नीति पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी केवल कागजों पर दिखाई देती है, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध शराब कारोबार जारी है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस प्रशासन का बड़ा हिस्सा शराबबंदी से जुड़े मामलों में व्यस्त रहता है, जिससे अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा पाता.
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प्रशासन को लेकर उनकी चेतावनी क्या है?
सुनील सिंह ने कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वह कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा और प्रशासन को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना होगा.
आगे की रणनीति को लेकर क्या कहा गया?
एमएलसी ने बताया कि वह जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शासन के उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान बिजली, पानी, सड़क और अन्य जनसरोकार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो व्यापक जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा.
इस कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश क्या माना जा रहा है?
राजनीतिक जानकार इस बयान को स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं. आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
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