Saran News : छपरा जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तत्परता से माही नदी के दाएं तटबंध के 11.90 किलोमीटर बिंदु पर हुई टूटन की मरम्मत महज 48 घंटे में पूरी कर ली गयी. तटबंध की टूटन को प्रभावी ढंग से बंद करने के साथ नदी के बहाव को भी पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया. बुधवार को सूबे के उपमुख्यमंत्री सह सारण जिला प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने दरियापुर में मुजौना के पास तटबंध स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से मरम्मत कार्य की जानकारी ली और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया.
6 सितंबर को बैकवॉटरिंग के कारण टूटा था तटबंध
माही नदी का दायां तटबंध 6 सितंबर को गंगा नदी के उच्चतम जलस्तर के कारण उत्पन्न बैकवॉटरिंग की स्थिति में 11.90 किलोमीटर बिंदु पर क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था. तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू किया.
दिन-रात काम कर 48 घंटे में पूरी हुई मरम्मत
मुख्य अभियंता, बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के अध्यक्ष और कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निसरण प्रमंडल, छपरा के नेतृत्व में टीम ने लगातार दिन-रात काम किया. आवश्यक तकनीकी उपाय और संसाधन जुटाकर 8 सितंबर की रात तक तटबंध की टूटन को पूरी तरह बंद कर दिया गया. इसके बाद नदी के बहाव को भी नियंत्रित कर लिया गया.
संभावित बड़े खतरे को टालने में मिली सफलता
तटबंध की टूटन की त्वरित मरम्मत से संभावित रूप से उत्पन्न होने वाली गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली. जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की.
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सतर्कता के निर्देश
उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने तटबंध का स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत कार्य की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक किये गये कार्य और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने तटबंध की शीघ्र मरम्मत और नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग की टीम की सराहना की.
बाढ़ खत्म होने तक तटबंधों की लगातार निगरानी का आदेश
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की अवधि समाप्त होने तक पूरी मुस्तैदी और सतर्कता बनाये रखें. तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जाये. किसी भी तरह की क्षति या संभावित खतरे की सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.
जिले के संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की नजर
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग जिले के संवेदनशील तटबंधों एवं स्थलों की लगातार निगरानी कर रहे हैं. नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है. प्रशासन और अभियंत्रण विभाग की टीमें किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं.
