छपरा के मढ़ौरा स्टेशन पर थावे-सूरत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग, DRM को ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय यात्री संघ ने मढ़ौरा रेलवे स्टेशन पर थावे-सूरत एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर डीआरएम को ज्ञापन सौंपा है. यह ट्रेन यात्रियों को छपरा या मशरक जाने की परेशानी से बचाएगी.

Thawe-Surat Express: स्थानीय रेल यात्री संघ ने वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर मढ़ौरा रेलवे स्टेशन पर थावे-सूरत और सूरत-थावे एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की पुरजोर मांग की है. स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से डीआरएम को भेजे गए ज्ञापन में संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस मांग पर निर्णय नहीं लिया गया, तो यात्री धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे.

लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए छपरा या मशरक जाना पड़ता है

यात्री संघ का कहना है कि मढ़ौरा एक प्रमुख अनुमंडलीय मुख्यालय है. यहां अमनौर, तरैया और इसुआपुर सहित कई प्रखंडों के लोग विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं. मढ़ौरा स्टेशन पर थावे-सूरत और सूरत-थावे एक्सप्रेस का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को इन ट्रेनों को पकड़ने के लिए छपरा या मशरक जाना पड़ता है. इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय के साथ आर्थिक और शारीरिक परेशानी भी उठानी पड़ती है.

पूर्व में भी कई बार की जा चुकी है ठहराव की मांग

संघ के सदस्यों ने बताया कि मढ़ौरा स्टेशन पर दोनों ट्रेनों के ठहराव को लेकर पूर्व में भी रेल प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. लगातार मांग के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय यात्रियों में असंतोष बढ़ रहा है. संघ ने रेल प्रशासन से जनहित को देखते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है.

अनुमंडलीय मुख्यालय होने से यात्रियों की संख्या अधिक

यात्री संघ के संयोजक रामबाबू सिंह ने बताया कि मढ़ौरा एक महत्वपूर्ण अनुमंडलीय मुख्यालय है. यहां अनुमंडलीय कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिग्री कॉलेज संचालित हैं. इन संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं. ऐसे में लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का मढ़ौरा स्टेशन पर ठहराव होने से हजारों यात्रियों को सुविधा मिल सकती है.

ऐतिहासिक मंदिरों में भी पहुंचते हैं दूर-दूर से श्रद्धालु

रामबाबू सिंह ने कहा कि मढ़ौरा में ऐतिहासिक शिव मंदिर और गढ़देवी मंदिर भी स्थित हैं. इन धार्मिक स्थलों पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. ट्रेनों का ठहराव होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में सुविधा होगी. इससे मढ़ौरा के धार्मिक और स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है.

प्लेटफॉर्म की लंबाई भी पर्याप्त

यात्री संघ ने कहा कि मढ़ौरा रेलवे स्टेशन पर थावे-सूरत और सूरत-थावे एक्सप्रेस के ठहराव के लिए प्लेटफॉर्म की लंबाई पूरी तरह पर्याप्त है. इसके बावजूद ट्रेनों का ठहराव नहीं होना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. संघ ने रेल प्रशासन से तकनीकी और यात्री सुविधाओं से जुड़े पहलुओं पर विचार कर जल्द ठहराव की अनुमति देने की मांग की है.

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि रेल प्रशासन ने जल्द इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो स्थानीय यात्री आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. यात्रियों ने कहा कि मढ़ौरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेन का ठहराव जनहित में जरूरी है. इसलिए रेल प्रशासन को यात्रियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.

ज्ञापन सौंपने के दौरान ये लोग रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान हरेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र कुमार राय, राजेश्वर शर्मा, लालू साह, प्रो. भूपेश भीम, राजू गुप्ता, अजय राय, कृष्ण राय और रोहित कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे. यात्री संघ ने उम्मीद जताई कि रेल मंडल यात्रियों की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा.

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By मनोकामना सिंह

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