saran news : बिल्डरों के खिलाफ एनजीटी में हुई सुनवाई, नियम विरुद्ध कर रहे निर्माण और बेच रहे जमीन

saran news : सारण के हरदिया तथा डुमरी बुजुर्ग चंवर में निर्माण का मामला गरमाया, नौ नवंबर को अगली सुनवाईआदेश में बिहार रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण को बिल्डरों की सूची देने का नोटिस जारी

छपरा. सोमवार को आर्द्र भूमि अधिनियमों के अधीन एनजीटी के पूर्वी खंडपीठ में वेटरन्स फोरम ने अवैध निर्माण को लेकर जो वाद दायर की थी, उसकी सुनवाई हुई. इस दौरान संस्था के सचिव डॉ बीएनपी सिंह ने खंडपीठ को सूचित किया कि उपरोक्त क्षेत्रों में बिल्डरों की एक बड़ी फौज गैर कानूनी गतिविधियों में संलग्न है और बिना बिहार रियल स्टेट नियामक प्राधिकरण के अनुमति के अनियंत्रित निर्माण कार्य करते जा रही है. भूखंडों को भवन निर्माण के लिए बेचा जा रहा है. जबकि, वह क्षेत्र सरकार द्वारा आर्द्र भूमि अधिनियम के अधीन संरक्षित घोषित है, जहां कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता. याचिकाकर्ता द्वारा यह भी सूचित किया गया कि वहां वर्ष भर में पांच महीने तक जल जमा रहता है और अनेक तरह की पक्षी और मछलियों का वह भ्रमण और प्रजनन स्थल है. उपरोक्त अधिनियमों के प्रावधानों के अनुसार वहां कोई भी निर्माण कार्य पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है. अपने पक्ष में याचिकाकर्ता द्वारा इसरो द्वारा वेटलैंड की सैटेलाइट मैप के साथ भूमि पर चल रहे उसके स्वरूप को बदलने के साक्ष्य के रूप में तस्वीरें भी संलग्न की गयी हैं. सुनवाई के बाद खंडपीठ ने रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण को सभी बिल्डरों की सूची जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था, ताकि उन्हें पक्षकार बनाया जा सके. साथ ही यह भी सूचित करने का आदेश दिया गया है कि उनके स्तर से इस दिशा में क्या कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल नौ बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है और मामले की अगली सुनवाई की तिथि नौ नवंबर तय की गयी है.

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Published by: Shailesh kumar

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