विश्व जनसंख्या दिवस: राजेंद्र कॉलेज में बढ़ती आबादी पर मंथन, विशेषज्ञों ने बताए सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

राजेंद्र कॉलेज में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें बढ़ती आबादी के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई. शिक्षकों और छात्रों ने जनसंख्या संतुलन और जागरूकता की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए.

World Population Day Saran : विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर छपरा के राजेंद्र कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बढ़ती जनसंख्या के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई.

शिक्षकों ने साझा किया अपने विचार

कार्यक्रम में शिक्षकों, एनएसएस पदाधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने जनसंख्या संतुलन, शिक्षा, रोजगार और जागरूकता की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए. विशेषज्ञों ने जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया.

World Population Day : विश्व जनसंख्या दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान

राजेंद्र कॉलेज में एनएसएस एवं सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में विश्व जनसंख्या दिवस पर केंद्रित व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. शादाब हाशमी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई.

प्राचार्य ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए किया जागरूक

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जनसंख्या की अत्यधिक वृद्धि समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. उन्होंने लोगों से जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक होने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की.

विशेषज्ञों ने बताए बढ़ती आबादी के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

मुख्य वक्ता डॉ. शादाब हाशमी ने विश्व जनसंख्या दिवस के इतिहास और उद्देश्य पर प्रकाश डाला. उन्होंने विश्व के विभिन्न देशों और भारत के कई राज्यों के उदाहरण देते हुए बढ़ती जनसंख्या के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और रोजगार संबंधी प्रभावों की विस्तार से चर्चा की. साथ ही जनसंख्या नियंत्रण के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया.

जापान और अन्य देशों के आंकड़ों से समझाया जनसंख्या संतुलन का महत्व

कॉमर्स विभाग के विशेष आमंत्रित शिक्षक शशितोष कुमार ने जापान में घटती जनसंख्या और अन्य देशों में तेजी से बढ़ती आबादी का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया. उन्होंने जनसंख्या संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने का दिया संदेश

अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षक अयान सादिक ने छात्र-छात्राओं से शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. वहीं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. इकबाल जफर अंसारी, डॉ. ऋचा मिश्रा और डॉ. बी.एस. साहु ने भी विषय के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे.

छात्र-छात्राओं ने भी रखे अपने विचार

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवक रॉबिन सिंह, रत्नेश राज, सोनाली, काजल, महिमा सहित कई छात्र-छात्राओं ने जनसंख्या जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए.

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Author: Prabhat kiran himanshu

Published by: Sakshi Kumari

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