Saran News : उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी 15 दिनों के अंदर दूसरी बार प्रभुनाथ नगर कॉलोनी में जलजमाव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे. जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरीक्षण के दौरान कई नाला निर्माण, पुनर्स्थापन और सफाई कार्यों को चिह्नित किया गया. संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को सभी आवश्यक कार्य जल्द पूरा कर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया.
कई स्थानों पर नाला निर्माण कराने की तैयारी
जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एनएच-19 स्थित भोला भंडारी के पास से कमता सखी मठ तक नाला निर्माण कराया जायेगा. इसके अलावा विनोद श्रीवास्तव के घर से कमता राखी मठ होते हुए बासुकी नाय सिंह के घर तक, निरंजन सिंह के घर से गुड्डू किराना दुकान तक तथा मुन्ना श्रीवास्तव के घर से गुड्डू किराना दुकान तक नाला निर्माण को चिह्नित किया गया है.
अतिथि बिहार टांडी से कदंब चौक तक भी नाला निर्माण कराने की तैयारी है. वार्ड संख्या-11 में पूर्व से बने शाखा नाले को मुख्य सड़क के नाले से जोड़ने के लिए छूटे हुए हिस्से का निर्माण कराया जायेगा.
बुडको के नाले को किया जायेगा पुनर्संयोजित
भोला भंडारी के पास एनएच-19 स्थित बुडको निर्मित नाले को आवश्यकतानुसार पुनर्संयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसका उद्देश्य नगर निगम के दहियावां टोला से आने वाले पानी को कमता राखी रोड की ओर प्रवाहित करना है, ताकि जलजमाव की समस्या को कम किया जा सके.
एक दर्जन नालों की होगी उड़ाही और सफाई
कमता सखी मठ से शक्तिनगर, आईपीएस-सी के समीप, लोको शेड, बस स्टैंड सीआरसीडी पुलिया, इरकॉन नाला, ईदगाह होते हुए जटही पोखरा तक नालों की उड़ाही और सफाई करायी जायेगी. बड़ी हनुमान मंदिर के समीप बुडको द्वारा निर्मित नाले को आरसीडी या इरकॉन नाले से जोड़ने का कार्य भी चिह्नित किया गया है.
अतिक्रमण हटाने का भी निर्देश
उप विकास आयुक्त ने सहायक अभियंता, बुडको, सारण, प्रखंड पंचायत पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, सदर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वीबी-जी राम जी तथा कार्यक्रम पदाधिकारी, वीबी-जी राम जी, प्रखंड-सह-नगर को चिह्नित कार्यों के तहत नाला पुनर्स्थापन, उड़ाही-सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
संबंधित विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता, बिहार राज्य आवास बोर्ड, सहायक अभियंता, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
