Chhapra Nagar Nigam: यदि आपके मोहल्ले या टोले में नाले का ढक्कन टूटा हुआ है या फिर छोटी पुलिया जर्जर हो चुकी है, तो अब इसकी शिकायत करने के बाद लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. छपरा नगर निगम क्षेत्र में ऐसी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर 24 घंटे के अंदर समाधान कराने की तैयारी की गयी है. सोमवार को महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने इस योजना को लेकर नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के साथ बैठक की और आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया.
नगर निगम क्षेत्र के सभी 45 वार्डों में नाले के टूटे ढक्कन, छोटी पुलिया और नाले की छोटी-मोटी मरम्मति से संबंधित कार्यों को चिह्नित किया जाएगा. इसके बाद जांच के आधार पर आवश्यक निर्माण और मरम्मति का काम कराया जाएगा. निगम क्षेत्र में ऐसी टूटी पुलिया और स्लैब की संख्या 450 से अधिक होने की संभावना जतायी गयी है.
एक लाख रुपये तक के काम में टेंडर की आवश्यकता नहीं
बैठक में बताया गया कि एक लाख रुपये तक के छोटे निर्माण और मरम्मति कार्यों के लिए टेंडर की आवश्यकता नहीं होगी. इससे आवश्यक कार्यों को तेजी से कराया जा सकेगा. हालांकि प्रत्येक शिकायत और प्रस्तावित कार्य की जांच कनीय अभियंता स्तर से करायी जाएगी. जांच में कार्य की आवश्यकता और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही निर्माण या मरम्मति का काम कराया जाएगा.
सभी 45 वार्डों की स्थिति की हुई समीक्षा
छपरा नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों की छोटी लेकिन बेहद आवश्यक समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर महापौर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक की. बैठक में प्राथमिक स्तर पर बेहद जरूरी नाले के ढक्कन, छोटी पुलिया और नाले की छोटी स्तर की मरम्मति से जुड़े कार्यों को चिह्नित कर शीघ्र कराने का निर्णय लिया गया.
इस दौरान सभी 45 वार्डों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गयी. महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक मरम्मति कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें.
छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण अब महीनों में नहीं, घंटों में होगा
महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना और छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान करना निगम की प्राथमिकता है. नाले के खुले या क्षतिग्रस्त ढक्कन तथा छोटी पुलिया की खराब स्थिति से आम लोगों को परेशानी के साथ दुर्घटना की आशंका भी रहती है. ऐसे कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं का निष्पादन अब महीनों में नहीं, बल्कि घंटों में कराया जाएगा. इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
जारी किया गया मेयर कंट्रोल रूम का नंबर
महापौर ने आम नागरिकों से अपील की कि उनके क्षेत्र में नाले का ढक्कन टूटने, पुलिया जर्जर होने या नाले की दीवार क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्या है, तो इसकी शिकायत मेयर कंट्रोल रूम में करें. शिकायत मिलने के बाद समस्या को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
महापौर ने मेयर कंट्रोल रूम के लिए 7562-906-907 और 7564-906-907 नंबर जारी किया है. आम लोगों से इन नंबरों पर लिखित सूचना या मैसेज के माध्यम से शिकायत देने की अपील की गयी है.
एक वार्ड में 10 शिकायतें तो 45 वार्डों में 450 से अधिक मामले
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि यदि एक वार्ड में नाले के ढक्कन, स्लैब या छोटी पुलिया से संबंधित औसतन 10 शिकायतें आती हैं, तो सभी 45 वार्डों में ऐसे मामलों की संख्या करीब 450 या इससे अधिक हो सकती है. निगम प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक मामलों का निष्पादन कराने की बात कही गयी है.
हालांकि, प्रत्येक शिकायत की जांच कनीय अभियंता स्तर से करायी जाएगी. जांच-पड़ताल के बाद ही निर्माण या मरम्मति कार्य कराया जाएगा. ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी. निगम प्रशासन के स्तर से इसकी नियमित मॉनीटरिंग करनी होगी, ताकि छोटे निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहे.
क्या कहते हैं महापौर
लगातार यह सूचना मिल रही है कि विभिन्न वार्डों में नाले का ढक्कन टूटा हुआ है या फिर पुलिया जर्जर हो गयी है. नाले की दीवार भी कई जगहों पर टूटी हुई है. ऐसे छोटे-छोटे जरूरी कार्यों को तुरंत निष्पादित कराया जाएगा. इसके लिए अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है.
- लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर, छपरा नगर निगम
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