छपरा में सफाई कर्मियों के फर्जीवाड़े का राज खोलेगा EPF, नगर निगम ने एजेंसियों से मांगा ब्योरा

Chapra Municipal Corporation: छपरा नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब नगर आयुक्त ने बड़ा कदम उठाया है.

Chapra Municipal Corporation: (छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट)
छपरा नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब नगर आयुक्त ने बड़ा कदम उठाया है. वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी और फर्जी उपस्थिति के आरोपों के बीच नगर निगम ने दोनों सफाई एजेंसियों से 48 घंटे के भीतर सभी सफाई कर्मियों का पूरा ब्योरा मांगा है. इस कार्रवाई से एजेंसियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है.

650 सफाई कर्मियों के दावे पर उठे सवाल

नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत सफाई एजेंसियां 650 से अधिक सफाई कर्मियों के काम करने का दावा कर रही हैं, लेकिन लगातार वार्डों से कम संख्या में कर्मियों के होने की शिकायत मिल रही थी. इसके बाद नगर आयुक्त रणजीत कुमार ने सभी सफाई कर्मियों की “टीआई परेड” कराने की तैयारी शुरू कर दी है.

EPF और आधार नंबर से खुलेगा पूरा खेल

नगर आयुक्त ने सफाई एजेंसी आकांक्षा इंटरप्राइजेज और शुभांगी श्री सप्लाई एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को पत्र जारी कर वार्डवार और रूटवार कर्मियों की सूची मांगी है. सूची में सफाई कर्मी का नाम, पिता का नाम, आधार नंबर और EPF नंबर देना अनिवार्य किया गया है.

काम कोई और पैसा कोई और उठा रहा

नगर निगम को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कई वार्डों में सफेदपोशों के रिश्तेदार बिना काम किए ही वेतन उठा रहे हैं. आरोप है कि हर वार्ड में 3 से 4 ऐसे नाम शामिल हैं, जो केवल कागजों पर कार्यरत हैं. अब EPF और आधार के जरिए इन दावों की सच्चाई सामने लाई जाएगी.

45 वार्डों में सफाई व्यवस्था पर सवाल

नगर निगम क्षेत्र के 45 वार्डों में सफाई के लिए एजेंसियों द्वारा लगभग 650 सफाई कर्मियों और नगर निगम के 100 कर्मियों को लगाए जाने का दावा किया गया है. शहर से प्रतिदिन 150 से 200 मीट्रिक टन कचरा उठाया जाता है और इसके लिए 75 से अधिक संसाधनों का इस्तेमाल हो रहा है.

एजेंसी ने खुद को बताया बेदाग

सफाई एजेंसियों का कहना है कि शुरू में 622 कर्मियों के लिए टेंडर हुआ था, जिसे बाद में बढ़ाकर 635 और फिर 680 तक किया गया. एजेंसी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी क्षमता से संचालित की जा रही है.

गंभीरता से मामले की होगी जांच

नगर आयुक्त रणजीत कुमार ने कहा कि वार्डों में सफाई कर्मियों की संख्या को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. एजेंसी जहां 650 कर्मियों के कार्यरत होने का दावा कर रही है, वहीं जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों की रिपोर्ट मांगी गई है और कई अन्य गंभीर शिकायतों की भी जांच की जाएगी.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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