छपरा(कोर्ट) : दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर शादी के पांच महीने बाद ही अपनी पत्नी को जला कर हत्या कर दिये जाने के मामले में न्यायालय ने पति को हत्या का दोषी करार दिया है. शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम अंजनी कुमार सिंह ने गड़खा थाना कांड संख्या 217/14 के सत्रवाद 576/15 में अंतिम सुनवाई शुरू की,
जिसमें लोक अभियोजक सुरेंद्र नाथ सिंह व सहायक अधिवक्ता सुशांत शेखर ने आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिये जाने को लेकर बहस की तो वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपित के पक्ष में अपनी दलील पेश की. न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत आरोपित पति गड़खा थाना क्षेत्र के हकमा निवासी चंदन कुमार को भादवि की धारा 304 बी के तहत दोषी करार दिया और सजा की बिंदु पर 16 अप्रैल को फैसला सुनाने का आदेश दिया है.
विदित हो कि मकेर थाना क्षेत्र के नंदन कैतुका निवासी नंदकुमार साह ने गड़खा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें आरोप लगाया था कि चंदन और उसके परिजनों ने दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने के कारण 25 सितंबर, 2004 की रात्रि उसकी पुत्री रिंपा देवी की सोये अवस्था में शरीर पर तेल छिड़ककर आग लगा दिया था. जख्मी अवस्था में रिम्पा को इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया जहां 17 दिनों तक उपचार के बाद 12 अक्तूबर को उसकी मौत हो गयी. मृत्यु के 11 दिन पूर्व रिंपा पुलिस को अपना बयान दर्ज करवायी थी, जिसमें अपने पति पर जलाने का आरोप लगायी थी. अपने बयान में उसने कहा था कि उसका पति मोटरसाइकिल को लेकर उसे घर से निकाल भी दिया था, जो पंचायत के बाद उसे घर लाया लेकिन मार पिटाई करता रहा. घटना की रात सोये अवस्था में उसपर तेल छिड़ककर आग लगायी गयी और उपचार के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया.
