अब सफेद बालू के लिए भी करनी होगी जेब ढीली पहले मिलता था फ्री

छपरा (सदर) : अब सारण वासियों को लाल बालू के साथ-साथ सफेद बालू का उपयोग भी महंगा होगा. सहायक जिला खनन पदाधिकारी के अनुसार, सरकार ने विभिन्न घाटों पर सफेद बालू के उठाव के लिए एक सौ प्रति वर्ग फुट के लिए छह सौ रुपया दर निर्धारित किया है. सारण के नदी के किनारे अवस्थित […]

छपरा (सदर) : अब सारण वासियों को लाल बालू के साथ-साथ सफेद बालू का उपयोग भी महंगा होगा. सहायक जिला खनन पदाधिकारी के अनुसार, सरकार ने विभिन्न घाटों पर सफेद बालू के उठाव के लिए एक सौ प्रति वर्ग फुट के लिए छह सौ रुपया दर निर्धारित किया है. सारण के नदी के किनारे अवस्थित दर्जन भर प्रखंडों के 31 घाटों की भी बंदोबस्ती उजला बालू के लिए ब्रॉडसन कॉमोडेटिज प्राइवेट लिमिटेड को कर दिया है. ऐसी स्थिति में पूर्व में सारण जिले में उजला बालू निर्माण कार्य में भराई आदि के लिए लोग नि:शुल्क उठाकर नदी व घाटों से विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण स्थलों पर भराई के काम में लाते थे.

अब घाटों से उजला बालू उठाने के लिए भी उन्हें निर्धारित दर से भुगतान करना होगा. ऐसी स्थिति में निश्चित तौर पर उजले बालू की कीमत बढ़ जायेगी. वहीं बालू व्यवसायियों की माने तो अब लोगों को खरीद के पैसे चुकाने के बाद वहां से अपने वाहन से मंगाने की मजबूरी होगी. मालूम हो की जिले के विभिन्न शहरी एवं गंगा-गंडक सरयू के किनारे स्थित मांझी, रिविलगंज, छपरा सदर, दिघवारा, सोनपुर, दरियापुर, तरैया मकेर, परसा, पानापुर में नदी घाटों पर बालू के उठाव की बंदोबस्ती कर दी गयी है.

ऐसी स्थिति में बिना विभागीय अनुमति व वैद्य कागजात बालू का परिवहन या उठाव करने वालों के खिलाफ बालू के चार गुणा कीमत के बराबर जुर्माना की व्यवस्था विभाग ने की है. वहीं बालू की कीमत बाजार दर पर निर्धारित की जानी है. जो निश्चित तौर पर जिला वासियों के निर्माण को महंगा तथा बालू मंगाना मुश्किल कर दिया है. वहीं डीएम हरिहर प्रसाद ने इस संबंध में सीओ तथा पुलिस पदाधिकारियों को चौकसी बरतने का निर्देश दिया है. जिससे लाल बालू के साथ-साथ सफेद बालू का अवैध धंधा करने वालों पर कार्रवाई की जा सके.

31 नदी घाटों की िवभाग ने की बंदोबस्ती
l15 सैप, 35 जवान के अलावा तीन पुलिस पदाधिकारी तैनात
लाल एवं उजला बालू के धंधे पर रोक लगाने के लिये खनन विभाग ने छापेमारी के लिए 15 सैप जवानों को, तिवारी घाट पर 29 होमगार्ड के जवानों तथा तीन नये पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती 8-8 घंटे की शिफ्ट में की गयी है, जिनमें पुलिस पदाधिकारी महेश राज भट, मो ताजमुल, घड़ुहट मांझी शामिल हैं. वहीं गड़खा प्रखंड के अलोनी के निकट बनाये गये जिला डीपो में बालू की सुरक्षा के मद्देनजर छह होमगार्ड के जवानों को लगाया गया है. वहीं डीपो पर एक डीपो मैनेजर, एक एकाउंटेंट एक ऑपरेटर की तैनाती की गयी है.
वहीं डीएम, एसपी ने सभी सीओ तथा थानाध्यक्षों को लाल या उजला बालू का अवैध व्यापार करने वालों पर कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है. परंतु, प्रति माह लाखों वेतन की भुगतान के बावजूद सरकारी डीपो में लाल बालू नहीं होने की वजह एक-एक सप्ताह से बालू की बिक्री नहीं हो पा रही है. वहीं आम जन लौटने को विवश हो रहे है. जिसे लेकर लाल बालू के साथ-साथ अब उजला बालू को लेकर भी आम जनों में परेशानी के साथ-साथ बालू माफियाओं की कारगुजारियां चरम पर है.
यहां से मिलेगा उजला बालू
गंगा नदी के किनारे अवस्थित घाटों में मुसेपुर बलुआ घाट, झौवा घाट, मथुरापुर घाट, मानूपुर दिघवारा, दिघवारा घाट, दिघवारा घाट 1, दिघवारा घाट 2, दिघवारा घाट 3, कालू गंगाजल घाट, नयागांव राजापुर घाट, गंडक नदी के किनारे, रेवाघाट, गंज मठिया घाट, बाढ़ीचक घाट, नाथ बाला घाट, टाइगर घाट, श्रीनगर टोला घाट, शिवशक्ति घाट, खलपुरा घाट, जान टोला घाट, महाराजगंज घाट, महाराजगंज घाट, पृथ्वीपुर घाट, सगुनी तरैया घाट, सरौजा घाट, सरौजा सतजोड़ा घाट शामिल हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
लाल बालू के धंधेबाजों पर नकल कसने के साथ-साथ उजले बालू के सभी 31 घाटों की बंदोबस्ती तथा विभाग के द्वारा 10 सीएफटी के लिए छह सौ रुपया सरकारी दर निर्धारित की गयी है. ऐसी स्थिति में विभिन्न नदी घाटों पर से अब बंदोबस्ती लेने वाली कंपनी के माध्यम से ही लोगों को उजला बालू भी खरीदना पड़ेगा तथा गलत ढंग से बालू का व्यवसाय करने वालों के वाहन एवं बालू जब्त करने के साथ-साथ चारगुने जुर्माना की व्यवस्था की गयी है.
उमेश चौधरी, जिला खनन पदाधिकारी, सारण

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