Raxaul Railway News: सीतामढ़ी-रक्सौल दोहरीकरण परियोजना के तहत कुड़वा चैनपुर से रक्सौल के बीच 41 किलोमीटर लंबे रेल खंड के दोहरीकरण की जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को सौंपी गई है. इस परियोजना पर लगभग 358 करोड़ रुपये की लागत आएगी. हाल ही में इसकी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कार्य को तीन साल के भीतर पूरा करने की समय सीमा तय की गई है.
स्टेशनों का होगा कायाकल्प और क्षमता विस्तार
दोहरीकरण कार्य के साथ-साथ इस रेल खंड के सभी स्टेशनों का आधुनिक विकास किया जाएगा. रेल परिचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा.
परियोजना से मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित मुख्य बदलाव और विकास कार्य किए जाएंगे:
- अतिरिक्त रेल लाइन और नए प्लेटफॉर्मों का निर्माण.
- इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना.
- यार्ड रिमॉडलिंग और नई लूप लाइनों का निर्माण.
- मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए क्षमता विस्तार.
- ट्रेनों की क्रॉसिंग में लगने वाले समय में भारी कमी.
- रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज गति से होगा.
कुड़वा चैनपुर से रक्सौल के बीच दोहरीकरण होने से इस रूट पर चलने वाली यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे इस सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी.
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