अग्निशमन मॉक ड्रिल: जिला समादेष्टा सह जिला अग्निशमन पदाधिकारी के विशेष निर्देश पर मंगलवार को समस्तीपुर विमेंस कॉलेज परिसर में एक दिवसीय अग्निशमन मॉक ड्रिल सह जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार रंजन की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और कॉलेज कर्मियों को आगजनी जैसी आकस्मिक आपदाओं से बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाना था.
अग्निशमन यंत्रों के संचालन का हुआ जीवंत प्रदर्शन
फायर स्टेशन ऑफिसर (एफएसओ) ज्योति कुमारी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम ने ज्वलनशील पदार्थों में लगी आग को बुझाकर दिखाया. मॉक ड्रिल के दौरान आधुनिक अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी दी गई.
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु:
- ऑक्सीजन सप्लाई काटना: एफएसओ ने बताया कि आग भड़कने के लिए ऑक्सीजन सबसे जरूरी तत्व है. आग पर काबू पाने का मूल सिद्धांत उसके ऑक्सीजन संपर्क को समाप्त करना है.
- फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग: आपात स्थिति में बिना घबराए अग्निशामक यंत्र का सही तरीके से संचालन करना सिखाया गया.
- सुरक्षित निकासी: परिसर में आग लगने पर भगदड़ से बचते हुए सुरक्षित बाहर निकलने के उपाय बताए गए.
प्राध्यापकों व कर्मियों ने लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार रंजन ने स्वयं आग बुझाने की तकनीक का अभ्यास किया. कॉलेज के अग्निशमन अधिकारी डॉ. रंजन कुमार और मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश साह ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई. इस दौरान डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. नेहा कुमारी जायसवाल, प्रो. फरहत जबीं, डॉ. सोनी सलोनी, डॉ. पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी व छात्राएं उपस्थित रहीं. सभी ने इस पहल को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक करार दिया.
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