Journalist Assault Case: प्रभात खबर के पत्रकार से मारपीट का सवाल पूछते ही बोले डॉ. SK आजाद- फ्लो फ्लो में हो गया

Journalist Assault Case: प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वाले डॉक्टर एसके आजाद का बयान सामने आया है. मारपीट से जुड़ा सवाल पूछने पर उन्होंने कहा, फ्लो-फ्लो में हो गया. लेकिन इस दौरान उनसे और भी सवाल किए गए जिस पर उनकी बोलती बंद हो गई.

Journalist Assault Case: बिहार के सहरसा जिले में सदर अस्पताल में प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ चुका है. इस मामले में आज काफी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे. लेकिन प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शन रोक दिया गया.

एसके आजाद बोले- फ्लो फ्लो में हो गया

सोमवार को पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट करने वाले डॉक्टर एसके आजाद से प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार रोहित और आदर्श ने बात करने की कोशिश की. डॉक्टर एसके आजाद से पूछा गया कि पत्रकार अभिषेक को पीटने वाले 20 लोग कौन थे? क्या वे सरकार को बदनाम कर रहे हैं? क्या वे स्वास्थ्य मंत्री को बदनाम कर रहे हैं? यह सवाल सुनते ही एसके आजाद ने कहा कि फ्लो-फ्लो में हो गया.

यह सवाल सुनते ही बोलती हुई बंद

इस दौरान उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वे अपनी गलती मानते हैं और माफी मांगते हैं? इस सवाल पर एसके आजाद की बोलती बंद हो गई. इसके बाद उन्होंने कैमरा बंद करा दिया. इस तरह से इस पूरे मामले में पहली बार एसके आजाद ने रिएक्ट किया. इस दौरान पत्रकार रोहित और आदर्श ने मैनेजर डॉक्टर सिंपी को भी ढूंढने पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने जिला स्वास्थ्य समिति का गेट बंद करवा दिया था.

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मिथिलेश तिवारी ने लिया संज्ञान

सहरसा में सोमवार को काफी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे. लेकिन प्रदर्शन को फिलहाल रोक दिया गया. सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मामले में संज्ञान लिया. प्रदर्शन से ठीक पहले मिथिलेश तिवारी ने आश्वासन दिया और शाम तक का समय मांगा है. ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि SK आजाद के खिलाफ कुछ बड़ा फैसला हो सकता है.

मांग पूरी नहीं होने पर होगा आंदोलन

प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी और वरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया है. लेकिन मांगे पूरी नहीं होती है, तो शाम में कैंडल मार्च के साथ आंदोलन की फिर से शुरुआत होगी. ऐसे में अब मामले में कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.

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By प्रीति दयाल

प्रीति दयाल, बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं.

प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा.

पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

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