जिप परिसर स्थित रेनबो रिसोर्ट में कार्यक्रम कोसी में आंदोलन को दी ताकत

सहरसा : देश में स्वतंत्रता की लड़ाई उस वक्त अपने चरम पर थी. कोसी क्षेत्र के नायक भी ब्रिटीश हुकूमत को चुनौती दे रहे थे. विपदा की घड़ी में भी मारवाड़ी समाज आजादी की ललक लिये देश के सेनानियों को हरसंभव मदद कर रही थी. समाज के लोगों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से आजादी […]

सहरसा : देश में स्वतंत्रता की लड़ाई उस वक्त अपने चरम पर थी. कोसी क्षेत्र के नायक भी ब्रिटीश हुकूमत को चुनौती दे रहे थे. विपदा की घड़ी में भी मारवाड़ी समाज आजादी की ललक लिये देश के सेनानियों को हरसंभव मदद कर रही थी. समाज के लोगों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से आजादी के जंग को लगातार अपना समर्थन दिया. लोग बताते है कि इस समाज की तरफ से स्वतंत्रता आंदोलन को ताकत देने के लिए जन व धन दोनो की आहुति दी गयी थी. इसके अलावा सहरसा की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मारवाड़ी समाज हमेशा अग्रणी रहा है. समाज के द्वारा गौशाला, धर्मशाला, सहरसा क्लब, मंदिर, ठाकुरबाड़ी का निर्माण कर सामाजिक क्षेत्र में बड़ी लकीर खींच दी है.

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