बैनर भरपूर, नप राजस्व से दूर

उदासीनता. समस्याओं के मकड़जाल में शहर, चौराहों से नहीं हटी गंदगी नप की घोषणाएं व काम अलग-अलग हैं. शहर अतिक्रमण की चपेट में है. बैनर-पोस्टर से पटा शहर राजस्व के लिए तरसता है, वहीं गंदगी ऐसी की सड़कों पर रूमाल नाक पर रख चलना पड़ता है. नगर की सुविधा नहीं मिल रही. इस अोर सार्थक […]

उदासीनता. समस्याओं के मकड़जाल में शहर, चौराहों से नहीं हटी गंदगी

नप की घोषणाएं व काम अलग-अलग हैं. शहर अतिक्रमण की चपेट में है. बैनर-पोस्टर से पटा शहर राजस्व के लिए तरसता है, वहीं गंदगी ऐसी की सड़कों पर रूमाल नाक पर रख चलना पड़ता है. नगर की सुविधा नहीं मिल रही. इस अोर सार्थक प्रयास की जरूरत है.
सहरसा : नप प्रशासन हर समस्या का जल्द से जल्द निदान करने व नये-नये प्रावधानों को जल्द ही शुरू करने की मात्र घोषणा ही करती है. इसमें से अधिकांश सिर्फ हवा हवाई बन कर रह जाती है. घोषणा पर अमल नहीं हो पाता है. कभी गंदगी के अंबार को तीन दिनों के अंदर हटा देने की घोषणा होती है तो कभी जलजमाव की समस्या का निदान करने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती है.
कभी अतिक्रमण से शहर को मुक्त कर देने में भी नप प्रशासन आश्वासन देने से पीछे नहीं रहता, लेकिन आज तक न तो इन समस्या का निदान हो पाया है और न ही नप के आश्वासन व झूठी घोषणाएं ही पूरी हो पाती हैं. शहर के डीबी रोड में लाखों की लागत से डिवाइडर बनाने का काम शुरू किया गया है. लेकिन अभी तक उक्त मार्ग के दोनों तरफ से अतिक्रमण को खाली नहीं कराया जा रहा है.
नहीं हटा बैनर पोस्टर
शहर में कॉलेज, स्कूल, सरकारी संस्थान सहित हर सार्वजनिक स्थल व खंभे पर विभिन्न प्रकार की बैनर पोस्टर व फ्लैक्सी बोर्ड टांग रखा है. नप प्रशासन विगत दिनों शहर में लगाये गये किसी भी प्रकार के ऐसे बैनर पोस्टर या फ्लैक्स बोर्ड को हटाने की बात कही थी, जिसे लगाने के लिए नप प्रशासन का आदेश नहीं लिया गया हो. लेकिन हर बार की तरह नप की यह बात भी अब तक झूठी ही साबित हुई है. आज तक एक भी बैनर पोस्टर को हटाने की पहल तक नप प्रशासन ने नहीं किया है.
सूत्रों की मानें तो बैनर पोस्टर एवं बड़ा फ्लैक्सी लगाने में नप के कुछ लोगों को अच्छी खासी कमाई हो जाती है. वहीं, बिना नप के आदेश के बैनर पोस्टर लगाने वालों को भी आर्थिक बचत हो जाती है. सूत्रों की मानें तो जिला मुख्यालय में अधिकांश बड़ी-बड़ी कंपनी भी नप प्रशासन के आदेश के बिना ही फ्लैक्स लगा रखा है. वहीं, स्थानीय व्यवसायी के द्वारा तो चप्पे-चप्पे पर बैनर पोस्टर एवं बोर्ड लगा दिया गया है. इससे नप प्रशासन के कुछ लोगों की जेब भले ही गरम हो जाती हो, लेकिन प्रशासन को हजारों का घाटा हो रहा है.
नहीं हटी गंदगी
शहर में गंदगी का अंबार है. इसको हटाने के पीछे सालाना करीब करोड़ रुपये खर्च भी किये जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी शहर में गंदगी जस की तस है. जब भी लोग गंदगी की समस्या को लेकर नप प्रशासन के पास जाते हैं तो नप प्रशासन तुरंत इस गंदगी को हटाने का आश्वासन देता है. यह मामला वर्षों से चल रहा है, लेकिन आज तक गंदगी को हटाने में नप को सफलता नहीं मिल सकी है. शहर के प्राय: हर चौक चौराहा, कॉलोनी व मोहल्ला में गंदगी का ढेर लगा दिख जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश राम ने बताया है कि नप प्रशासन अपने स्तर से हर संभव कोशिश करती है कि समस्या का निदान किया जाये. जल्द ही शहर में लगे अवैध बैनर पोस्टर को हटा दिया जायेगा. वहीं, साफ-सफाई का काम भी लगातार किया जा रहा है.
बंद पड़ा है डिवाइडर का काम
शहर के तिवारी टोला रोड में जमा कचरा.

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