बिहार में DIG का एक्शन, 10 दारोगा सस्पेंड, जांच रिपोर्ट से मचा बवाल

Kosi DIG: सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र में वायरल वीडियो के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच को प्रभावित करने के आरोप में एक दलाल सतीश कुमार गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से लैपटॉप और फाइलें मिली हैं. इस मामले में कोसी रेंज के डीआईजी ने 10 दारोगा को निलंबित कर दिया है.

Kosi DIG: बिहार के कोसी प्रक्षेत्र (सहरसा) में पुलिस महकमे के भीतर एक बहुत बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के 10 दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. इन सभी पर दलालों के जरिए पुलिस केस और जांच को प्रभावित करने का बेहद गंभीर आरोप है.

डीआईजी ने शुक्रवार को खुद मीडिया के सामने आकर इस बड़े एक्शन की जानकारी दी और बताया कि सस्पेंड किए गए सभी पुलिसवालों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही पुलिस ने मामले में एक शातिर दलाल को भी दबोचा है.

वीडियो वायरल होने के बाद खुला सहरसा का यह बड़ा खेल

भ्रष्टाचार और दलाली का यह पूरा मामला सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस जांच को पैसे के दम पर प्रभावित करने की बात सामने आई थी. वीडियो सामने आने के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए.

जांच टीम ने जब कार्रवाई की, तो वीडियो में दिख रहे शख्स को धर-दबोचा. जब उसकी तलाशी ली गई तो पुलिस के भी होश उड़ गए. उसके पास से एक लैपटॉप और पुलिस जांच से जुड़ी कई गोपनीय फाइलें बरामद की गईं, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.

थाने में बैठकर पुलिस की डायरी लिखता था दलाल सतीश

पकड़े गए दलाल की पहचान सतीश कुमार के रूप में हुई है. वह सलखुआ थाना इलाके के ही बहुरउवा गांव का रहने वाला है. जांच में पता चला है कि सतीश का नेटवर्क सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के कई थानों में फैला हुआ था.

वह अक्सर सलखुआ थाने में ही डेरा जमाए रहता था और केस रफा-दफा करने या मनमुताबिक जांच करवाने के नाम पर आम लोगों से मोटी रकम वसूलता था. हद तो तब हो गई जब यह बात सामने आई कि वह थाने के भीतर बैठकर खुद ही पुलिस की केस डायरी भी लिखता था.

इन 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, देखें लिस्ट

  1. मुकेश कुमार सिंह (थानाध्यक्ष, सलखुआ, सहरसा)
  2. सुवेलाल पासवान (दारोगा, सलखुआ थाना, सहरसा)
  3. पंकज कुमार (दारोगा, नवहट्टा थाना, सहरसा)
  4. जूही कुमारी (दारोगा, त्रिवेणीगंज थाना, सुपौल)
  5. शिशुपाल रविदास (दारोगा, राघोपुर थाना, सुपौल)
  6. अरमोद कुमार (दारोगा, भर्राही थाना, मधेपुरा)
  7. ज्योतिष कुमार (थानाध्यक्ष, घैलाढ़, मधेपुरा)
  8. चंद्रजीत प्रभाकर (दारोगा, मधेपुरा जिला बल)
  9. मनीषा कुमारी (दारोगा, मधेपुरा जिला बल)
  10. पिंकी कुमारी (दारोगा, सुपौल जिला बल)

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डीआईजी कुमार आशीष ने दी चेतावनी

मामले की जानकारी देते हुए डीआईजी कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस में इस तरह की दलाली और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वायरल वीडियो के सच साबित होने पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

पकड़ा गया आरोपी अवैध रूप से थानों में सक्रिय था, फाइलें संभाल रहा था और केस डायरी लिख रहा था. उसे जेल भेज दिया गया है और संलिप्त पाए गए सभी 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है.

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Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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