पटना. पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का अब अलग ही रंग दिखने लगा है. इस दौरान कई मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. आज पटना विश्वविद्यालय के तरफ से प्रेसिडेंसियल डिबेट कराया गया था. चुनाव के दौरान हुए मारपीट और हंगामा के मुद्दे पर संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति का दर्द छलक गया.
हंगामा और मारपीट पर कुलपति का छलका दर्द
पटना विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चौधरी ने कहा बुधवार की घटना में ऐसी राजनीति की गई, जिससे छात्र और कुलपति को आमने- सामने करने की कोशिश की गई. ये कैसी राजनीति है? सभी उम्मीदवार बराबर बयान देते हैं कि चुनाव के लिए शांतिपूर्ण माहौल है. वहीं, बुधवार को कुछ छात्र महिला छात्रावास में घुसने का प्रयास करते हैं. मना करने पर हंगामा किया जाता है. इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग होता है. कुलपति के आवास पर हंगामा किया जाता है. ये कौन सी राजनीति है?
छात्र और कुलपति को आमने -सामने कराने की राजनीति- कुलपति
विश्वविद्यालय में ऐसी राजनीति की जा रही है. जिससे छात्र चुनाव को रद्द कर दिया जाए. इसके बाद छात्र और कुलपति को आमने- सामने कर दिया जाए. कुलपति के आवास पर धरना दिया जाता है. किसी भी समस्या पर कुलपति कार्यलय छात्रों को आना चाहिए. ये कौन सी राजनीति आप लोग कर रहे हैं?
पटना यूनिवर्सिटी के तरफ से कराया गया प्रेसिडेंशियल डिबेट
बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अब दो दिन बचे हुए हैं. पटना यूनिवर्सिटी के तरफ से दो दिन पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट कराया जाता है. इस बार भी पटना यूनिवर्सिटी के अतंर्गत साइंस कॉलेज में प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन किया गया था. इस डिबेट में यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे हुए थे. प्रत्याशी के संबोधन से पहले मंच से पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति गिरीश चौधरी सहित कई अधिकारियों ने अपनी बात रखी. वहीं, पटना यूनिवर्सिटी प्रशासन के तरफ से प्रत्येक उम्मीदवार को 7 मिनट का समय दिया गया था. इस दौरान अध्यक्ष पद के लिए सभी प्रत्याशियों ने मंच से छात्रों को अपने एजेंडा से अवगत कराया.
