पटना : आरजेडी नेता सह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के झारखंड की राजधानी रांची जाने की खबर है. बताया जाता है कि वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने के लिए रांची रवाना हो गये हैं. मालूम हो कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का गुरुवार को यानी 11 जून को जन्मदिन भी है. इसी बीच, तेजस्वी यादव के एक ट्वीट पर निशाना साधते हुए जेडीयू ने हमला बोला है.
जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने बुधवार को कहा कि तेजस्वी यादव कोरोना संकट के समय में बिहार लौटने के बावजूद किसी क्वॉरेंटिन सेंटर में जाकर किसी श्रमिक का हालचाल नहीं लिया. वे अब टिकट की डील करने रांची निकल गये हैं. हर आपदा में खुद गायब रहनेवाले राजद के राजकुमार सिर्फ सत्ता पक्ष पर सवाल उठाते हैं. लेकिन, जवाब देने की हिम्मत नहीं रखते हैं.
राजद का चाल-चरित्र रहा है कि जब भी चुनाव का मौसम आता है, ये लोग धनकुबेर को ढूंढ़ने लगते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि राजद में किसको टिकट मिलेगा, वैसे तो ये पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन राजद का इतिहास रहा है कि वहां कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है. जेब गर्म करनेवाले को विधानसभा और विधान परिषद भेजा जाता रहा है. राजद का इतिहास रहा है कि ये लोग किसी को भी नहीं छोड़ते, चाहे भले दल के वफादार ही क्यों ना हों. कांति सिंह और रघुनाथ झा उदाहरण हैं.
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साथ ही निखिल मंडल ने ट्वीट कर कहा है कि ”अपने 15 साल के शासन में दर्जनों यात्रा और पिछले 85 दिनों से नीतीश कुमार जी लगातार काम कर रहे है. मीटिंग कर रहे हैं. ये सब आप जैसे भगौड़ा को नहीं समझ आयेगा. सुने हैं किसको-किसको एमएलसी बना कर उसका जमीन-जायदाद लिखवाना है, ये तय करने आप रांची निकले हैं. बच के रहना रे बाबा, बच के रहना रे.!!”
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है कि ”आदरणीय लालू प्रसाद जी ने ही कहा था- सीएम के पेट से सीएम पैदा नहीं होगा. अब अभी भी अगर लालू प्रसाद यादव जी की सोच यही है, तो आप रांची जा ही रहे हैं तेजस्वी यादव जी तो जरा पूछ लीजिएगा पिताजी से, अब क्या करना है?”
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मालूम हो कि इससे पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया था. उन्होंने कहा था कि ”आदरणीय नीतीश कुमार जी, आज 85 दिन हो गये हैं. आग्रह है कि कृपया अब तो बाहर निकल प्रदेश की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था, देश के सबसे धीमे कोरोना जांच केंद्रों, बारिश के पानी से लबालब बिहार के एकमात्र कोरोना समर्पित अस्पताल का जायजा लीजिए. क्योंकि, अब जनता कहने लगी है कि बिहार का सीएम गायब है.”
