Patna teacher suspension: नगर परिषद बिहटा के अधीन संचालित अमहारा उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक डॉ. मुकुल कुमार को जिला अपीलीय प्राधिकारी, पटना से बड़ी राहत मिली है. अपीलीय प्राधिकारी ने उनके निलंबन आदेश पर अंतिम निर्णय होने तक रोक लगा दी है. इसके बाद नगर परिषद बिहटा ने कार्यालय आदेश जारी कर उन्हें निलंबन मुक्त करते हुए पुनः विद्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है.
दिसंबर 2025 में किया गया था निलंबित
जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में शिक्षक नियोजन समिति ने कथित अनियमितता के आरोप में डॉ. मुकुल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय श्रीराम उच्च माध्यमिक विद्यालय निर्धारित किया गया था. साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता देने का आदेश भी जारी किया गया था.
अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष दायर की थी अपील
निलंबन आदेश के खिलाफ डॉ. मुकुल कुमार ने जिला अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर की. सुनवाई के दौरान अपीलीय प्राधिकारी ने मामले से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की. जांच में पाया गया कि निलंबन की कार्रवाई से पहले संबंधित शिक्षक को न तो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया.
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का हवाला
अपीलीय प्राधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों का हिस्सा है. प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण निलंबन आदेश पर अंतिम निर्णय तक रोक लगा दी गई.
वेतन भुगतान और योगदान का निर्देश
अपीलीय प्राधिकारी ने नगर परिषद बिहटा को निर्देश दिया कि डॉ. मुकुल कुमार से तत्काल विद्यालय में योगदान कराया जाए तथा नियमानुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए. आदेश के अनुपालन में नगर परिषद बिहटा ने 28 जुलाई को कार्यालय आदेश जारी कर उन्हें निलंबन मुक्त कर दिया.
8 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
हालांकि अपीलीय प्राधिकारी ने आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है. मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को निर्धारित की गई है. इसके बाद ही आरोपों और पूरे प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
