अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या में शनिवार को आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका विषय पर लोक प्रशासन विभाग में सेमिनार की मुख्य अतिथि अनीता सिंह विशेष कार्य पदाधिकारी (अपर सचिव) मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार पटना ने कहा कि घर की चौखट से उठकर संसद तक पहुंचने वाली महिलाओं का आपदा प्रबंधन के प्रत्येक चरण में योगदान होता है. महिलाएं अपने नेतृत्व के जरिये आपदाओं के जोखिम को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में सक्षम होती हैं. वहीं महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो रेखा रानी ने कहा कि महिलाओं को प्रबंधन स्तर तक पहुंचने में सतत प्रयास करने पड़े हैं. चाहे आपदा प्रबंधन हो या सामान्य प्रशासन हो और अपनी सूझ-बूझ से हर विपदा का हल निकाल देती हैं. विभागाध्यक्ष डॉ कविता राज ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि महिलाओं की सफलता में पुरुष वर्ग का भी बराबर का प्रयास होता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम के पीछे महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ उस पुरुष वर्ग को भी वो हौसला देना है, जो महिलाओं को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका का निर्वाह करते हैं. इस उद्देश्य से विभाग के चार छात्रों रंजीत सिंह, रजनीश, अमन और रौशन को शॉल देकर सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ संचित लाल, मुख्य कुलानुशासक डॉ वंदना, प्रो सीमा प्रसाद, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, प्रो हिना तब्बसुम, समाज शास्त्र, विभागाध्यक्ष, डॉ शत्रुघ्न, डॉ कामना, डॉ अमीरूल्लाह, डॉ प्रीति, डॉ श्वेता इत्यादि उपस्थित रहीं. कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ कविता राज ने किया.
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