तेजस्वी के जोरदार संबोधन को सुनते रहे लालू यादव, 90 के दशक से लेकर रेलमंत्री काल तक का गिनाया काम, कहा- लालूू नाम नहीं बल्कि एक विचार

तेजस्वी यादव ने राजद के रजत जयंती समारोह को संबोधित किया. इस दौरान वो सत्ता पक्ष पर जमकर बरसे. हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम पर भी वो नाराज दिखे और चुनाव आयोग को भी लताड़ा. वहीं तेजस्वी ने छल के साथ सत्ता पाने का आरोप फिर से दोहराया है और कहा कि जनता चाहती ही नहीं थे कि इनकी सरकार आए.

तेजस्वी यादव ने राजद के रजत जयंती समारोह को संबोधित किया. इस दौरान वो सत्ता पक्ष पर जमकर बरसे. हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम पर भी वो नाराज दिखे और चुनाव आयोग को भी लताड़ा. वहीं तेजस्वी ने छल के साथ सत्ता पाने का आरोप फिर से दोहराया है और कहा कि जनता चाहती ही नहीं थे कि इनकी सरकार आए.

इस दौरान समारोह में तेजस्वी ने कहा कि चुनाव के दौरान लगता था कि लालू जी नहीं हैं तो चुनाव कैसे होगा. लेकिन सबने देखा कि लालू केवल नाम नहीं हैं बल्कि एक विचार हैं और उन्हें कैद नहीं किया जा सकता. तेजस्वी ने इस दौरान रोजगार के मुद्दे को भी उठाया. तेजस्वी ने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हमने बेरोजगारी के मुद्दे को उठाया और जनता का हमें इसपर साथ मिला.

लालू यादव के बारे में बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि जनता भी चाहती है कि जल्द से जल्द वो बिहार आएं और अपने काम में लगें. वो कहीं रहें लेकिन बिहार व देश की जनता की समस्या को लेकर परेशान रहे. बूथ पर चुनाव में जिस स्तर पर काम किया है. बिना संसाधन के उन्होंने करिश्मा किया है और हमने जनता के मुद्दे को उठाया और जनता ने साथ दिया. तेजस्वी ने कहा कि कार्यकर्ताओं के दम पर हम सबसे बड़ी पार्टी बनकर आए.

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तेजस्वी ने कहा कि ये सबकी पार्टी है और इसे तोड़ने के लिए सारे प्रयास किये गयेृ. लेकिन ये लालू जी की पार्टी है और ये कर्पूरी ठाकुर और जेपी जैसे विचारधाराओं को लेकर बनी है. तेजस्वी ने जंगलराज को प्रोपोगेंडा बताया और कहा कि ये सत्ता लेने के लिए फैलाया गया. उन्होंने कहा कि मैने विधानसभा में अपराध का आंकड़ा रख दिया लेकिन सब चुप रहे. कोई जवाब नहीं मिला.

तेजस्वी ने कहा कि अभी सरकार में जो लोग बैठे हैं उनके अपने नेता ही पोल खोल रहे हैं. इस दौरान भ्रष्टाचार को लेकर भी तेजस्वी ने हमला बोला.कहा कि जब इंसान ही नहीं रहेंगे तो पुल पुलिया का क्या होगा. इस दौरान तेजस्वी ने 90 के दशक में समाजिक न्याय को लेकर लालू यादव की भूमिका की प्रशंसा की और उनके कामों को याद दिलाया.

लालू यादव के रेलमंत्री काल में मुनाफे को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने हर बजट में किराया कम करके भी रेलवे को मुनाफे में रखा. उन्हें मैनेजमेंट गुरू कहा जाता हैृ. इस दौरान तेजस्वी ने महंगाई का मुद्दा भी उठाया और भाजपा के अच्छे दिन के नारे पर हमला बोला. कहा कि लालू जी ने तब ही दूरदर्शी के तरह सचेत किया था. तेजस्वी ने कहा कि लोग नारे लगाते थे कि मैं देश नहीं बिकने दूंगा लेकिन आज सबकुछ बेचा जा रहा है. तेजस्वी ने सत्ता पक्ष पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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