पीयू : शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए रिसर्च स्कॉलर का लिया जायेगा सहयोग

पटना विश्वविद्यालय में शनिवार को सभी कॉलेजों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और संस्थानों के डायरेक्टर के साथ बैठक का आयोजन किया गया.

संवाददाता, पटना

पटना विश्वविद्यालय में शनिवार को सभी कॉलेजों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और संस्थानों के डायरेक्टर के साथ बैठक का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता नव नियुक्त प्रो नमिता सिंह ने की. बैठक में कुलसचिव प्रो अतुल आदित्य पांडेय भी मौजूद रहे. बैठक में कुलपति ने सभी प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों से उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली. सभी ने शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और विद्यार्थियों की कम उपस्थिति की जानकारी दी. बैठक में निर्णय लिया गया कि जिस विभाग में शिक्षकों की कमी होगी, वहां रिसर्च स्कॉलर का सहयोग लिया जायेगा. कुलपति ने कहा कि इससे उनके पढ़ाने का अनुभव भी प्राप्त होगा. इसके एवज में रिसर्च स्कॉलर को क्या देना है, इस पर निर्णय दीपावली व छठ पूजा के बाद विश्वविद्यालय खुलने पर होगा. कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्राचार्य व विभागाध्यक्ष को सख्त निर्णय लेने के लिए कहा गया है. इसके अलावा प्राचार्यों ने इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देते हुए कहा कि कॉलेज, विभाग, प्रयोगशाला पुस्तकालय में वर्षा का पानी टपकने से समान खराब हो रहे हैं. उन्होंने भवन के छत की मरम्मत कराने का आग्रह किया. प्राचार्यों की शिकायत पर कुलपति ने विश्वविद्यालय अभियंता को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली. विश्वविद्यालय अभियंता ने विश्वास दिलाया कि एक-दो जगह मरम्मत का काम शुरू है. छुट्टी खत्म होने के बाद भवनों को चिह्नित कर मरम्मत कार्य प्रारंभ किया जायेगा. भवनों की मरम्मत में होने वाले खर्च का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया. बैठक में प्राचार्यों ने कर्मचारियों की कमी से होने वाली परेशानियों से अवगत कराया. प्राचार्यों ने बैठक में कहा कि एकाउंट समझने वाले कर्मचारियों की बहुत कमी है.

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