Khan Sir Coaching Controversy: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान सर के दोनों गार्ड्स को फिलहाल राहत नहीं मिली है. बुधवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने कोई फैसला नहीं सुनाया. अब इस मामले में गुरुवार 11 जून को अभियोजन पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा. ऐसे में दोनों गार्ड्स को अभी जेल में ही रहना होगा. उनकी जमानत पर अंतिम फैसला अगली सुनवाई के बाद आएगा.
पुलिस ने कोर्ट में पेश की केस डायरी
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अपडेटेड केस डायरी और आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड अदालत में पेश किया गया. इसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया. अब गुरुवार को सरकारी पक्ष की बहस होगी. इसके बाद कोर्ट जमानत पर फैसला ले सकता है.
हथियार के इस्तेमाल पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान जिला अभियोजक की ओर से गार्ड प्रदीप कुमार के हथियार को लेकर सवाल उठाए गए. अभियोजन पक्ष ने कहा कि हथियार उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए दिया गया था, न कि सार्वजनिक जगह पर इस्तेमाल करने के लिए. सरकारी पक्ष का कहना है कि इस मामले में हथियार के उपयोग की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए. माना जा रहा है कि इसी मुद्दे पर अगली सुनवाई में भी जोरदार बहस हो सकती है.
खान सर को मिल चुकी है अंतरिम राहत
इसी मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसल खान उर्फ खान सर को बड़ी राहत दी थी. उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था. अदालत ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. हालांकि कोर्ट ने खान सर को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है. उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अब 20 जून को सुनवाई होगी.
रौशन आनंद ने भी खटखटाया जिला जज का दरवाजा
ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने भी जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय का रुख किया है. इससे पहले प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. रौशन आनंद को 3 जून को गिरफ्तार किया गया था. तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं.
क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर हमला, तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना हुई थी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था. मामले में खान सर, उनके गार्ड्स और ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद का नाम सामने आने के बाद यह विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है.
