राहुल गांधी ने कहा आरक्षण की 50 फीसदी सीमा की दीवार टूटेगी, होगा जातीय जनगणना

राहुल गांधी ने कहा आरक्षण की 50 फीसदी सीमा की दीवार टूटेगी, होगा जातीय जनगणना

संवददाता,पटना

बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चुनावी एजेंडा सेट करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आयेगी तो फेक आरक्षण की 50 प्रतिशत की दीवार को तोड़कर फेंक देगी. यह बात उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में साफ-साफ बता दिया है. उन्होंने कहा कि इस देश में अगर कोई अपर कास्ट का नहीं है तो वह सेकेंड क्लास का सिटिजन है, चाहे वह दलित वर्ग, पिछड़े वर्ग, आदिवासी समाज, अल्पसंख्यक समाज या इबीसी क्लास से आता है. इसका जानकारी तेलंगाना में हुए जातीय जनगणना से सामने आ गयी है. जो जातीय गणना आरएसएस, भाजपा और मोहन भागवत नहीं कराना चाहते हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को बिहार के राजनीतिक दौरे पर थे. पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि तेलंगाना में जातीय जनगणना करायी गयी है. इसमें जो आंकड़े आये हैं वह पूरा सामाजिक एक्स-रे है. उससे यह बताया जा सकता है कि कौन लोग देश को चला रहे हैं. जातीय गणना विकास के पूरे सिस्टम को बदलने जा रही है. इस गणना को कराने से कोई नहीं रोक सकता है. तेलंगाना के आंकड़ों से बताया जा सकता है कि सरकारी नौकरी, कंपनियों के मालिक, सीइओ और मैनेजमेंट की लिस्ट में एक भी इबीसी, ओबीसी, आदिवासी नहीं है. दूसरी ओर मजदूरों और घरेलू नौकरी की लिस्ट में 95 प्रतिशत दलित, पिछड़े, अति पिछड़े वर्ग और आदिवासी वर्ग के लोग हैं. उन्होंने कहा कि इस देश को पांच प्रतिशत लोग चला रहे हैं. अडानी, अंबानी जैसे 10-15 लोगों के पास आपके टैक्स का पैसा जाता है. टैक्स आम लोग देते हैं और कर्ज उनका माफ होता है. सिस्टम कुछ लोगों के पास होने से पिछड़े, दलित, आदिवासी सांस नहीं ले पा रहे हैं. इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार, विधानमंडल दल के नेता डा शकील अहमद खां, अंशुल अभिजीत, डा रतन लाल, ओम प्रकाश मेहता, भागीरथ मांझी सहित विभिन्न समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे. राहुल गांधी के भाषण के समय श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल खचाखच भरा था.

बिहार कांग्रेस के दो-तिहाई चेहरे होंगे दलित,पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्ग के : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि बिहार में अब पार्टी के अंदर दो-तिहाई चेहरे दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, महिला और सामान्य गरीब वर्ग के लोग होंगे. उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में इसका ख्याल रखा गया है. पहले कांग्रेस में दो-तिहाई अपर कास्ट के लोग होते थे. उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार में कांग्रेस पार्टी को जो काम पहले करना चाहिए था और जिस गति से काम करना चाहिए था वह नहीं किया. उन्होंने कहा कि हम अपनी गलती समझे हैं. बिहार टीम को साफ बता दिया है कि कांग्रेस को पिछड़ा, अति पिछड़ा, महिला को साथ लेकर काम करना है. इनके लिए राजनीति का दरवाजा खोलना है. उन्होंने गठबंधन को भी इसी फार्मूले पर आगे बढ़ने का सुझाव दिया. बिहार की जनता देश की राजनीति का दिशा तय करती है. ऐसे में बिहार में अरबपति एनडीए सरकार चला रहे हैं. हम उनको हराने जा रहे हैं.

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Author: Mithilesh kumar

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