Patna Metro: पटना मेट्रो में इन दो स्टेशनों का जल्द होगा उद्घाटन, जाने किस अंडरग्राउंड टनल को नहीं मिला परमिशन

Patna Metro : फरवरी में मेट्रो के दो नए स्टेशन मिलने जा रहे हैं, लेकिन उससे पहले राजधानी दिल्ली से सुरक्षा जांच कमेटी पटना पहुंचने वाली है. यह टीम मेट्रो के हर तकनीकी और संरचनात्मक पहलू की बारीकी से जांच करेगी. मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशनों के उद्घाटन से पहले यह आखिरी और सबसे अहम चरण माना जा रहा है.

By Pratyush Prashant | January 13, 2026 1:26 PM

Patna Metro: शहर में मेट्रो को लेकर उत्साह पहले से ही चरम पर है. एलिवेटेड कॉरिडोर पर ट्रायल के बाद अब प्रशासन की पूरी कोशिश है कि प्राथमिकता कॉरिडोर के मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो दोनों स्टेशनों को फरवरी में आम लोगों के लिए खोल दिया जाए. इसके लिए इस महीने के अंत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम पटना आएगी.

सुरक्षा जांच के बाद मिलेगी ‘ग्रीन सिग्नल’

दिल्ली से आने वाली सीएमआरएस की टीम पटना में रुककर मेट्रो स्टेशनों, पटरियों, सिग्नल सिस्टम, विद्युत व्यवस्था, प्लेटफॉर्म की संरचना, आपातकालीन सुविधाओं और यात्री सुरक्षा से जुड़े तमाम मानकों की जांच करेगी. निरीक्षण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. यदि सभी मानक पूरे पाए गए तो एक सप्ताह के भीतर मेट्रो संचालन की अनुमति दे दी जाएगी.

सोमवार को पटना मेट्रो के प्रबंध निदेशक सह नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी ने पटना और दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की. इस बैठक में प्राथमिकता कॉरिडोर के बचे हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि उद्घाटन से पहले हर स्तर पर तकनीकी और सुरक्षा मानकों की पुष्टि जरूरी है.

फरवरी में बदलेगा पटना का ट्रांसपोर्ट चेहरा

मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों के उद्घाटन के साथ ही पटना में शहरी परिवहन का एक नया अध्याय शुरू होगा. यह सिर्फ मेट्रो सेवा की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि राजधानी को आधुनिक, स्मार्ट और तेज़ रफ्तार शहर की ओर ले जाने वाला बड़ा कदम होगा.

दिल्ली से आने वाली सुरक्षा टीम की रिपोर्ट पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं. यही रिपोर्ट तय करेगी कि पटना मेट्रो कब आम लोगों के सफर का हिस्सा बनेगी. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो फरवरी का महीना पटना के लिए ऐतिहासिक बन सकता है.

मेट्रो अंडरग्राउंड कॉरिडोर पर ब्रेक

पटना मेट्रो के एलिवेटेड हिस्से को लेकर जहां तेजी दिखाई दे रही है, वहीं अंडरग्राउंड कॉरिडोर का काम फिलहाल अटका हुआ है. वजह है रेलवे से अब तक एनओसी नहीं मिलना. राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे से गुजरने वाली टनल के लिए रेलवे की अनुमति अनिवार्य है, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाने से खुदाई का काम रोकना पड़ा है.

पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से रेलवे को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन टनल के एलाइनमेंट का रेलवे टर्मिनल के विकास पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर मंथन जारी है. इसी कारण कॉरिडोर-2 का अंडरग्राउंड हिस्सा फिलहाल ठप पड़ा है.

1800 मीटर टनल की योजना, 624 मीटर पर लगा ब्रेक

परियोजना के तहत मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर लंबी टनल बनाई जानी है. इसमें से करीब 800 मीटर टनल राजेंद्र नगर रेलवे क्षेत्र के नीचे से गुजरेगी. टनल निर्माण के लिए दो टीबीएम मशीनें लगाई गई थीं. पहली टीबीएम से 361 मीटर और दूसरी से 263 मीटर खुदाई हो चुकी थी, लेकिन एनओसी के अभाव में आगे का काम रोकना पड़ा.

सबसे गहरा होगा राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन

राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो का सबसे गहरा स्टेशन बनने जा रहा है. यहां मेट्रो ट्रेन जमीन से करीब 21 मीटर नीचे से गुजरेगी. इसकी वजह रेलवे ट्रैक और टर्मिनल के नीचे से गुजरने वाली टनल है. यह स्टेशन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यहां से सीधे रेलवे टर्मिनल तक पहुंच संभव होगी.

इसी तरह पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां रेड लाइन और ब्लू लाइन आपस में मिलेंगी. इससे दानापुर, खेमनीचक और न्यू आईएसबीटी तक की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होगी.

Also Read: Bihar Cabinet: युवाओं के लिए नौकरी, मुंबई में बिहार भवन, लॉजिस्टिक पार्क, कैबिनेट की बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर