Patna Zoo: पटना जू में गर्मी भी रोज आ रहे हैं इतने दर्शक, सबसे ज्यादा भीड़ बाघ केज के पास

Patna Zoo: पटना की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बड़ी संख्या में संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) और इको पार्क का रुख कर रहे हैं. बच्चों की छुट्टियों के कारण दर्शकों की भीड़ बढ़ गई है. वाटर पार्क, रेन डांस और बोटिंग लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं.

Patna Zoo, हिमांशु देव, पटना: पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और उमस ने आम लोगों को परेशान कर रखा है. लोग गर्मी से राहत पाने के लिए चिड़ियाघर की तरफ रुख कर रहे हैं. संजय गांधी जैविक उद्यान में वन्य प्राणियों को देखने वाले दर्शकों का उत्साह कम नहीं हो रहा है. रविवार को भीषण गर्मी के बावजूद जू में 23,434 लोग वन्य प्राणियों को देखने पहुंचे. बच्चे और युवा खासे उत्साहित नजर आए. सभी केजों के पास दर्शकों की भीड़ जुटी रही. जू कर्मी केजों के पास पानी का छिड़काव कर ठंडक का माहौल बनाने में लगे रहे. वहीं, बच्चे गर्मी की छुट्टियों का भरपूर आनंद ले रहे हैं.

बाघ केज के पास सबसे अधिक भीड़

बाघ केज के पास दर्शकों की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई. केज का अगला हिस्सा खचाखच भरा था. भालू अपनी उछलकूद से दर्शकों का ध्यान खींच रहा था, जबकि चिम्पैंजी गर्मी के कारण छांव में आराम कर रहा था, जिससे दर्शक थोड़े निराश हुए. तेंदुआ भी छांव में दुबका रहा. हिरण झुंड में पेड़ों की छांव में सुस्ताते दिखे. जिराफ, गैंडा और हाथियों के इर्द-गिर्द भी अच्छी खासी भीड़ देखी गई. प्रवेश गेट संख्या एक पर टिकट के लिए लंबी कतारें लगी रहीं.

घने पेड़-पौधों से मिल रही राहत

विद्यालयों में छुट्टियों के चलते दर्शकों की संख्या बढ़ी है. जू परिसर में घने वृक्षों और हरियाली के कारण तापमान बाहर की तुलना में कम रहता है, जिससे दर्शकों को राहत मिलती है. मौसम में थोड़ी नरमी आने पर भीड़ और बढ़ सकती है. बीते रविवार को जहां 24,790 लोग पहुंचे थे, वहीं इस रविवार को भी 23,434 दर्शकों की मौजूदगी रही. बच्चों की संख्या अधिक रही. मछलीघर भी खास आकर्षण का केंद्र बना रहा.

15 दिन से रोजाना पहुंच रहे 10 हजार से अधिक दर्शक

पटना जू में इन दिनों जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है. यह पहली बार है जब लगातार 15 दिनों तक रोजाना 10 हजार से अधिक लोग जू पहुंच रहे हैं.

सप्ताहभर की दर्शक संख्या

10 जून (मंगलवार): 17,826
11 जून (बुधवार): 13,605
12 जून (गुरुवार): 13,365
13 जून (शुक्रवार): 11,076
14 जून (शनिवार): 12,941
15 जून (रविवार): 23,434

पटना जू में हैं 1100 वन्य प्राणी

गर्मी के दिनों में बाघ को पानी में नहाते और मस्ती करते देखना दर्शकों को खूब भा रहा है. चिंपैंजी अधिक गर्मी होने पर नाइट हाउस में जाकर कूलर की हवा लेता है. जू प्रशासन वन्य प्राणियों को गर्मी से राहत देने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रहा है. करीब 1100 वन्य प्राणियों के लिए गाइडलाइन के अनुसार समुचित व्यवस्था की गई है. दर्शकों की सुविधा के लिए भी पेयजल और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

गर्मी में दर्शकों को राहत दे रहा जल उद्यान

जल उद्यान दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है. बच्चों के लिए रेन डांस की सुविधा बढ़ाई गई है. दर्शक फव्वारों में भीगकर ठंडक का आनंद ले रहे हैं. लगभग 2.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह जल उद्यान 2000 वर्गफुट क्षेत्र में फैला है. इसकी संरचना इको पार्क के झरने की थीम पर आधारित है. फाउंटेन की ऊंचाई 30 फीट है, जो गुफानुमा रास्ते के बीच से गुजरते हुए दर्शकों को ठंडा अहसास देता है. एलिफेंट, फिश, वॉल, बैम्बू और मिस्ट फाउंटेन बच्चों को खूब पसंद आ रहे हैं.

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बड़ी संख्या में विजिटर्स कर रहे बोटिंग

पटना और आसपास के जिलों से लोग गर्मी से राहत पाने और छुट्टियों को एंजॉय करने के लिए जू और इको पार्क पहुंच रहे हैं. यहां नौका विहार की भी सुविधा है. जू में 2 सीटर बोट 100 रुपये और 4 सीटर 120 रुपये में उपलब्ध हैं. इको पार्क में 2 सीटर के लिए 100 और 4 सीटर के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं. लोग बिना किसी सहायता के आधे घंटे तक बोटिंग का आनंद उठा रहे हैं.

इको पार्क में एक दिन में ₹1.89 लाख का राजस्व

राजधानी के लोकप्रिय इको पार्क में रविवार को पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी. पार्क प्रशासन के अनुसार, कुल ₹1,89,569 का राजस्व प्राप्त हुआ. वयस्क आगंतुकों की संख्या 5,654 और बच्चों की संख्या 1,697 रही, जबकि सुबह में 1,395 लोगों ने पार्क में प्रवेश किया. रविवार और गर्मी की छुट्टियों के कारण यह आंकड़ा और बढ़ा. इको पार्क शहरवासियों के लिए सुकून और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बन गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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