Patna News: (आनंद तिवारी) बिहार में टीबी मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. करीब दो साल बाद पटना समेत पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में टीबी की नि:शुल्क दवाओं की पूरी सप्लाई शुरू हो गई है. अब मरीजों को सात दिन नहीं बल्कि पूरे 30 दिन की दवा एक साथ दी जाएगी. इससे हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
दवा संकट खत्म, अस्पतालों में पहुंची पूरी सप्लाई
स्वास्थ्य विभाग को केंद्र सरकार की ओर से टीबी की दवाओं की नई खेप मिल चुकी है. सरकारी गोदामों में दवाओं की आपूर्ति के बाद अब पीएचसी, सीएचसी और अनुमंडलीय अस्पतालों तक तेजी से सप्लाई की जा रही है. लंबे समय से दवाओं की कमी के कारण मरीजों को सीमित खुराक दी जा रही थी.
पहले सिर्फ 5 से 7 दिन की मिलती थी दवा
दवाओं की भारी कमी के चलते डॉक्टर मरीजों को सिर्फ पांच या अधिकतम सात दिन की दवा ही लिख रहे थे. मरीजों को बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब नई सप्लाई आने के बाद एक महीने की पूरी खुराक एक साथ उपलब्ध कराई जाएगी.
कोविड काल बना दवा संकट की बड़ी वजह
दरअसल कोविड महामारी के दौरान टीबी दवाओं का पुराना स्टॉक बड़ी मात्रा में बच गया था. इसके कारण नई दवाओं के उत्पादन पर रोक लग गई थी. कोविड खत्म होने के बाद अचानक दवाओं की मांग बढ़ी और पुरानी दवाएं एक्सपायर होने लगीं. इसी वजह से बिहार में दवाओं की भारी किल्लत हो गई थी.
इन जरूरी दवाओं की थी सबसे ज्यादा कमी
टीबी मरीजों के लिए फर्स्ट लाइन दवाओं की कमी सबसे ज्यादा महसूस की जा रही थी. इनमें डीएसटीबी आईवी और डीएसटीबी सीपी जैसी दवाएं शामिल हैं. इन दवाओं में आइसोनियाजिड, रिफाम्पिसिन, पायराजिनामाइड और इथाम्बुटॉल जैसी जरूरी दवाओं का मिश्रण होता है. सरकारी अस्पतालों में यह दवाएं कॉम्बिनेशन के रूप में मुफ्त दी जाती हैं, जबकि बाजार में इन्हें अलग-अलग खरीदना काफी महंगा पड़ता है.
स्वास्थ्य विभाग का दावा अब नहीं होगी परेशानी
बिहार स्वास्थ्य विभाग के स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. बीके मिश्रा ने कहा कि कोविड के कारण दवाओं की सप्लाई प्रभावित हुई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है. जिन अस्पतालों में दवाएं खत्म हो गई थीं, वहां तेजी से नई सप्लाई भेजी जा रही है ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो.
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