स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: पटना ने 4.49 लाख फीडबैक के साथ हासिल किया दूसरा स्थान

Patna News: स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के सिटिजन फीडबैक अभियान में पटना का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. इसके लिए अब तक लगभग 4 लाख 49 हजार 689 पटनावासियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दिया है जिसके साथ शहर ने दूसरा स्थान हासिल किया है. यह पिछले साल के चौथे स्थान की तुलना में एक बड़ी छलांग है।

Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट) स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के सिटिजन फीडबैक अभियान में पटना का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है। शहर की साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर अब तक लगभग 4 लाख 49 हजार 689 पटनावासियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दिया है, जिससे पटना देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह पिछले साल के चौथे स्थान की तुलना में एक बड़ी छलांग है। इस बार सिटिजन फीडबैक के अंक 500 से बढ़ाकर 1000 कर दिए गए हैं, जिससे कुल 12,500 अंकों वाले इस मुख्य सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

जागरूकता के लिए 14 विशेष टीमें सक्रिय

पटना नगर निगम मुख्यालय स्तर पर गठित 14 विशेष टीमें नागरिकों को जागरूक कर रही हैं। बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट, बाजार समिति, अशोक राजपथ जैसे कोचिंग हब और रेलवे स्टेशन, पार्क, मॉल तथा स्लम इलाकों में लोग ऑन-स्कॉट फीडबैक दे रहे हैं।

13 सवालों के जरिए सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन

सर्वेक्षण में नागरिकों से 13 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • घर और दुकानों से नियमित कचरा उठाव
  • सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग प्रबंधन
  • सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति
  • सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता
  • आरआरआर सेंटर की उपयोगिता
  • नगर निगम की शिकायत निवारण प्रणाली

नगर निगम की टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर लाइव डेमो के जरिए लोगों को फीडबैक देना सिखा रही हैं।

सिटीजन फीडबैक में देश के शीर्ष पांच शहर

  1. इंदौर – 6,81,187 फीडबैक
  2. पटना – 4,49,689 फीडबैक
  3. लखनऊ – 4,39,075 फीडबैक
  4. प्रयागराज – 3,62,752 फीडबैक
  5. आगरा – 3,59,671 फीडबैक

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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