Patna News: (हिमांशु देव) राजधानी पटना में मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए बुडको की ओर से रियल टाइम मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है. इसे 30 मई तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
24 घंटे होगी डिजिटल निगरानी
कंट्रोल रूम के माध्यम से शहर के प्रमुख नालों, पंप हाउसों और जलभराव वाले इलाकों की 24 घंटे डिजिटल निगरानी की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, नालों में पानी का स्तर बढ़ते ही पंप स्वतः चालू हो जाएंगे, जिससे जलनिकासी की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को जलजमाव से राहत मिलेगी.
हर अंचल में तैनात होंगे अधिकारी
बुडको प्रशासन ने बताया कि मानसून से पहले सभी अधूरे कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत हर अंचल के लिए मुख्यालय स्तर से अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि जलनिकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा सके.
अंतिम चरण में ड्रेनेज और आउटफॉल का काम
अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर आउटफॉल और ड्रेनेज कनेक्शन का कार्य अंतिम चरण में है. इन सभी परियोजनाओं को मई के अंत तक पूरा करने की योजना बनाई गई है, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या कम हो सके.
नमामि गंगे परियोजना से प्रभावित हुई सड़कें
बुडको ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत शहर की कई सड़कों की खुदाई की गई थी. करीब पांच किलोमीटर सड़क का पुनर्निर्माण किया जाना है, जिसमें से 3800 मीटर सड़क की मरम्मत पूरी कर सड़क निर्माण विभाग को सौंप दी गई है. बाकी बचे कार्य भी मानसून से पहले पूरे कर लिए जाएंगे.
शहर में लगाए जाएंगे 364 पंप
जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में कुल 56 स्थायी और 35 अस्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इसके अलावा आठ नए ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन भी तैयार किए गए हैं. पूरे शहर में कुल 364 पंप लगाए जाएंगे, जिनमें 265 बिजली चालित और 99 डीजल पंप शामिल हैं.
नूतन राजधानी अंचल में सबसे ज्यादा पंप
सबसे अधिक 105 पंप नूतन राजधानी अंचल में लगाए जाएंगे. इसके अलावा कंकड़बाग में 46, पाटलिपुत्र में 36, बांकीपुर में 35 और अजीमाबाद में 33 पंप तैनात रहेंगे, ताकि बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे.
ALSO READ: PMCH में बड़ी कार्रवाई, छात्रों और शिक्षकों की शिकायत पर पैथोलॉजी विभाग के HOD पर कार्रवाई
