Patna News: (सुबोध कुमार) पूर्वी भारत में गरीबी, असमानता और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन (PMA) और कोलकाता मैनेजमेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एक उच्च स्तरीय वेबिनार आयोजित किया गया। “गरीबी और असमानता : एक अंतर-देशीय विश्लेषण” विषय पर हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने क्षेत्रीय सहयोग और नीति सुधार पर अपने विचार रखे.
स्वागत भाषण में विकास मॉडल पर जोर
कार्यक्रम का स्वागत भाषण सुधा डेयरी के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं पीएमए के संरक्षक डी.के. श्रीवास्तव ने दिया। उन्होंने विकास प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए सतत विकास की दिशा में संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया.
गरीबी और असमानता पर गंभीर चर्चा
पीएमए के अध्यक्ष अधिवक्ता बसंत कुमार सिन्हा ने पूर्ण एवं सापेक्ष गरीबी, आय असमानता तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार में व्याप्त विषमताओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस नीति और सामाजिक भागीदारी को जरूरी बताया.
सामाजिक इंजीनियरिंग को बताया विकास की कुंजी
पूर्व आईएएस अधिकारी एवं पीएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार रथ ने गरीबी उन्मूलन में नागरिक समाज संगठनों और पंचायत स्तर की संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सामाजिक इंजीनियरिंग ही आर्थिक समृद्धि का आधार बन सकती है.
चार राज्यों के लिए संयुक्त कार्यबल का सुझाव
कलकत्ता मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रनील बनर्जी ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए संयुक्त “सतत विकास कार्य बल” गठित करने का सुझाव दिया. उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
वैश्विक संदर्भ में SDG रिपोर्ट पेश
वेबिनार में अर्थशास्त्री डॉ. मनोज कुमार मिश्रा एवं आईसीएआर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने वैश्विक और भारतीय संदर्भ में सतत विकास लक्ष्यों की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की. कार्यक्रम का समापन पीएमए के सचिव इंजीनियर मणि किशोर दास के संबोधन और डॉ. नीलेश नारायण के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
