पटना एम्स में कैंसर मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

पटना एम्स में कैंसर मरीज अरुण कुमार की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया. अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। फुलवारी शरीफ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की. बाद में मामला शांत हो गया, और किसी पक्ष ने शिकायत नहीं दी.

Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) पटना स्थित पटना एम्स में गुरुवार को कैंसर पीड़ित एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके बाद परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया. मृतक की पहचान सहरसा जिले के निवासी अरुण कुमार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से कैंसर का इलाज एम्स पटना में करा रहे थे.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई. मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान अस्पताल परिसर में अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी दहशत का माहौल बन गया.

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलने पर एम्स परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और हंगामा शांत कराया. फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष शाहबाज आलम ने बताया कि स्थिति को जल्द ही काबू में कर लिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.

पुलिस हस्तक्षेप के बाद अस्पताल परिसर में माहौल सामान्य हो गया और इलाज सेवाएं फिर से सुचारु रूप से चलने लगीं.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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