पीपीयू: नवनियुक्त प्राचार्यों का कुलपति ने बढ़ाया मनोबल, कहा-आप इतिहास लिखने जा रहे हैं

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने नवनियुक्त प्राचार्यों की बैठक में उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे इतिहास लिखने जा रहे हैं. कॉलेजों की आधारभूत समस्याओं पर चर्चा हुई और समाधान का आश्वासन दिया गया. बैंक खाता खोलने व राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.

Patna News: (अंबर की रिपोर्ट) पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) में मंगलवार को नवनियुक्त प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को धैर्य और संयम के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए उनका मनोबल बढ़ाया.

आप इतिहास लिखने जा रहे हैं- कुलपति

कुलपति ने कहा कि नवनियुक्त प्राचार्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है और वे संस्थान के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन विश्वविद्यालय उनके साथ है और समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह तैयार है.

बैठक में कुलपति ने प्राचार्यों को बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया और आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही उनके खातों में आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे कॉलेज

बैठक के दौरान प्राचार्यों ने कॉलेजों में बिजली, पानी, शौचालय, भवन की जर्जर स्थिति और आधारभूत संरचना की कमी जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. कुलसचिव प्रो. अबु बकर ने प्राचार्यों को अपने-अपने जिलों के डीएम से मिलकर समस्याएं रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉलेजों में बर्सर और लिपिक की नियुक्ति की जाएगी.

नामांकन प्रक्रिया जारी, शुल्क व्यवस्था में बदलाव

डीएसडब्ल्यू प्रो. राजीव रंजन ने बताया कि नए कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया जारी है. फिलहाल नामांकन शुल्क विश्वविद्यालय में जमा होगा, जिसे बाद में कॉलेजों के खातों में स्थानांतरित किया जाएगा.

अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में महाविद्यालय निरीक्षक प्रो. कृष्णनंदन प्रसाद, मीडिया प्रभारी प्रो. तारिक फातमी, मीटिंग इंचार्ज मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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