पटना में गंगा नदी में पलटी 14 लोगों से भरी नाव, अब तक 3 शव मिले, 4 की तलाश जारी

Patna News: बाढ़ के उमानाथ गंगा घाट पर नाव पलटने से चीख पुकार मच गई. नाव पर 14 लोग सवार थे. इनमें से 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. इस हादसे में 4 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है. घटना के बाद प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और SDRF टीम के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.

Patna News (जयमणी): पटना जिले के बाढ़ में गुरुवार की सुबह-सुबह बड़ा नाव हादसा हो गया है. उमानाथ गंगा घाट से 14 लोगों को लेकर निकली छोटी नाव तेज हवा के कारण पलट गई. हादसे के बाद 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. अभी तक 3 शव बरामद हो गए हैं. बाकी 4 लोगों की तलाश जारी है.

घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ के थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, सीडीपीओ रामकृष्ण, एसडीएम गरिमा लोहिया और अंचलाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है. वहीं SDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है.

चीख-पुकार के बीच 7 लोगों की जान बची

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. आसपास मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वहीं बाकी लोगों के डूबने की खबर से इलाके में मातम पसरा हुआ है.

रेस्क्यू के दौरान एक महिला और एक युवक को मृत अवस्था में नदी से निकाला गया है. अभी भी पांच लोगों की तलाश जारी है और आशंका जताई जा रही है कि वे पानी में लापता हैं.

घाट पर उमड़ी भीड़, पूछताछ में जुटी पुलिस

उमानाथ गंगा घाट पर घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है ताकि हादसे के कारणों की पूरी जानकारी मिल सके. प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है.

रोजाना घाट पर भारी आवाजाही और सब्जी व्यापार को लेकर होड़

बाढ़ का उमानाथ गंगा घाट जिले के सबसे व्यस्ततम घाटों में से एक माना जाता है. यहां से प्रतिदिन लगभग 20 नावें दियारा इलाके के लिए रवाना होती हैं. इन नावों के माध्यम से हर दिन बड़ी संख्या में लोग दियारा पहुंचते हैं और वहां से सब्जियों की ढुलाई कर वापस लौटते हैं. इस पूरे क्षेत्र में प्रतिदिन सब्जी के व्यापार से लाखों रुपये का कारोबार होता है और स्थानीय स्तर पर किसानों तथा सब्जी विक्रेताओं के बीच बेहतर सब्जी पहले लाने की होड़ लगी रहती है.

ओवरलोडिंग और प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ रहा हादसों का खतरा

इस होड़ और जल्दबाजी के कारण नावों पर अक्सर क्षमता से अधिक लोग सवार हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. बताया जाता है कि छोटी नावों में जहां केवल लगभग 10 लोगों के बैठने की क्षमता होती है, वहीं उन पर 20 तक लोग सवार हो जाते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन की ओर से पर्याप्त नियंत्रण और सख्ती नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होने का खतरा लगातार बना रहता है.

नाव हादसे के बाद जिलाधिकारी और ग्रामीण एसपी पहुंचे

बाढ़ में गुरुवार की सुबह उमानाथ गंगा घाट पर हुए नाव हादसे के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी त्यागराजन और ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

प्रशासन ने जांच और कार्रवाई के दिए संकेत

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने रेस्क्यू कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. इस दौरान जिलाधिकारी ने बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रही नावों पर कार्रवाई करने की बात कही. प्रशासन की टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है.

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Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी बिहार के आरा, वीर कुंवर सिंह की धरती से आती हैं। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की। 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है। अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं, ताकि सशक्त और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से समाज तक सच्चाई पहुंचा सकें।

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