पटना के ईबोला को लेकर बिहार अलर्ट, PMCH में चार बेड सुरक्षित; दानापुर में ऑब्जर्वेशन सेंटर तैयार

Patna News: पटना के ईबोला वायरस को लेकर बिहार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है.पीएमसीएच में चार बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि दानापुर अस्पताल में ऑब्जर्वेशन सेंटर तैयार किया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए हैं.

Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)
पटना के ईबोला वायरस रोग को लेकर बिहार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित खतरे को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में चार बेड सुरक्षित रखे गए हैं. साथ ही अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दवाएं, पीपीई किट और आइसोलेशन व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है.

फिलहाल बिहार में नहीं मिला कोई मामला

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में अभी तक ईबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ देशों में संक्रमण के मामले मिलने के बाद एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है. सभी अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान कर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं.

पीएमसीएच में विशेष वार्ड किया गया तैयार

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार चार बेड का विशेष वार्ड तैयार कर सुरक्षित रखा गया है. आवश्यकता पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है. अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है.

दानापुर में बनाया गया ऑब्जर्वेशन सेंटर

सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि संभावित मरीजों की निगरानी और प्राथमिक देखभाल के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में ऑब्जर्वेशन सेंटर बनाया गया है. यहां संदिग्ध मरीजों को अलग रखकर उनकी जांच और निगरानी की जाएगी.

स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है. साथ ही सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

क्या है ईबोला वायरस रोग?

विशेषज्ञों के अनुसार ईबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी, मल या अन्य शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैलती है. इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, गले में दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हैं.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है. साथ ही नियमित हाथ धोने, स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी गई है.

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