बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता व चेन्नई की तर्ज पर अब पटना में भी एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क (Logistics Park) बनाने की तैयारी चल रही है. पटना नगर निगम की ओर से इसे बनाने की तैयारी कर रहा है. ट्रांस्पोर्ट नगर में इसे तैयार करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर बढ़ रहे ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करना व लॉजिस्टिक्स को एक ही छत के नीचे लाकर सुव्यवस्थित करना है. यहां से बड़े वाहनों में आने वाले सामानों को उतारकर छोटे-छोटे वाहनों से शहर में भेजा जायेगा.
वर्तमान में ट्रांसपोर्ट नगर (Transport Nagar) सहित कई महत्वपूर्ण इलाके अव्यवस्थित व भीड़भाड़ वाला हो चुका है. इसका खामियाजा आए दिन राहगीरों को उठाना पड़ताहै. हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है. ट्रांसपोर्ट सिटी बनने से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश कम होगा.
डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होगा लॉजिस्टिक पार्क
ट्रांस्पोर्ट नगर में बनने वाले इस लॉजिस्टिक्स पार्क (Logistics Park) को पूरी तरह आधुनिक व डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया जायेगा. परिसर के अंदर चौड़ी सड़कें, ट्रकों और ट्रेलरों के लिए व्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटिंग, जलापूर्ति व सीवरेज की पक्की व्यवस्था होगी. माल भंडारण के लिए यहां भूकंपरोधी तकनीक से बने बड़े गोदाम यानी वेयरहाउस और कंटेनर यार्ड तैयार किए जायेंगे. इसके अलावा, गाड़ियों की मरम्मत के लिए गैरेज, पीयूसी सेंटर, गाड़ियों की तौल के लिए वेब्रिज व चौबीसों घंटे पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी.
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बढ़ते इ-कॉमर्स व रिटेल व्यापार से आया प्रोजेक्ट
मालूम हो कि पटना में इ-कॉमर्स, रिटेल व्यापार व औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से बढ़ने के कारण आधुनिक वेयरहाउसिंग की मांग लगातार बढ़ रही है. फिलहाल माल भंडारण व लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था अलग-अलग जगहों पर बिखरी हुई है.सड़कों के किनारे होने वाली इस अनौपचारिक मालगोदाम व्यवस्था से न सिर्फ सामान खराब होता है, बल्कि वक्त भी ज्यादा लगता है. शहर में ट्रकों की बेतरतीब आवाजाही से सड़कें टूट रही हैं और वायु व ध्वनि प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है.
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शहर से बाहर होगी लॉजिस्टिक्स गतिविधियां
इस परियोजना के जरिए लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को शहर से बाहर ट्रांसफर कर दिया जायेगा. इससे पटना के केंद्रीय व आंतरिक क्षेत्रों की बेशकीमती भूमि खाली होगी, जिसका उपयोग भविष्य में आवासीय, वाणिज्यिक या सार्वजनिक पार्कों के निर्माण के लिए किया जा सकेगा. साथ ही, यह न केवल व्यापारिक लागत व माल की ढुलाई में लगने वाले समय को कम करेगा, बल्कि शहर के भीतर पर्यावरण के संतुलन को बनाये रखने और रहने योग्य माहौल तैयार करने में भी मददगार बनेगा.
Logistics Park: पांच प्वाइंट में समझें होने वाले फायदे
– भारी मालवाहक वाहनों के शहर के बाहर ही रुक जाने से पटना की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और लोगों को रोजाना के जाम से राहत मिलेगी.
– ट्रकों और बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश न करने से पटना की हवा साफ होगी व ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट दर्ज की जाएगी.
– इस आधुनिक हब के शुरू होने से परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग व सहायक सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार मिलेगा
– लोडिंग-अनलोडिंग जोन व कंटेनर यार्ड होने से सामान की बर्बादी रुकेगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी व व्यापारियों का ट्रांजिट समय व खर्च कम होगा.
– अक्सर सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करने वाले चालकों के लिए पार्क में रेस्ट रूम, शौचालय, मेडिकल सेंटर, पार्क व उचित खान-पान की व्यवस्था उपलब्ध होगी.
