पटना में रहने-खाने की टेंशन खत्म, चिराग के विधायक ने सरकारी आवास को बनाया जनता पैलेस

Bihar News: ओबरा के विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र ने पटना स्थित अपना सरकारी आवास क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया है. परीक्षा, इलाज या अन्य काम से आने वाले जरूरतमंद लोगों को यहां मुफ्त ठहरने और खाने की सुविधा मिलेगी.

Bihar News: बिहार के ओबरा विधानसभा से विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र ने पटना स्थित अपना नया सरकारी आवास जनता को समर्पित कर दिया है. लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के विधायक प्रकाश चंद्र ने घोषणा की है कि उनका सरकारी बंगला अब ओबरा क्षेत्र के लोगों के लिए खुला रहेगा. इसका उद्घाटन 2 मार्च को किया जाएगा.

जरूरतमंद लोगों को होगा फायदा

प्रकाश चंद्र ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने वादा किया था कि ओबरा के जो लोग परीक्षा, इलाज या किसी जरूरी काम से पटना आते हैं और रहने की व्यवस्था नहीं होती. उनके लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. उसी वादे को पूरा करते हुए उन्होंने अपना सरकारी आवास जनता को दे दिया है. यहां जरूरतमंद लोगों के लिए रहने और खाने की सुविधा मुफ्त रहेगी.

उनके इस फैसले की राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है. आम तौर पर विधायक अपने सरकारी आवास का निजी उपयोग करते हैं, लेकिन डॉ. प्रकाश चंद्र ने इसे जनसुविधा केंद्र की तरह इस्तेमाल करने का फैसला लिया है.

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प्रकाश चंद्र के बारे में जानिए

डॉ. प्रकाश चंद्र ने 2004 में तरारी क्षेत्र से पंचायत समिति सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा था. उस समय प्रमुख बनने का मौका होने के बावजूद उन्होंने पद लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद वे लंबे समय तक समाज सेवा में एक्टिव रहे. 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद भी उन्होंने क्षेत्र में काम जारी रखा.

2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ओबरा सीट से जीत दर्ज की. उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी ऋषि कुमार को कड़े मुकाबले में हराया. प्रकाश चंद्र को 91638 वोट मिले. ऋषि को 79625 मत मिले. अब अपने सरकारी आवास को जनता के नाम कर उन्होंने एक नई पहल की है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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