जिले के 450 हाइस्कूलों में बनेगा म्यूजिक डेस्क, वाद्य यंत्र खरीदने के लिए दी जायेगी राशि

जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को म्यूजिक में दक्ष बनाने के लिए म्यूजिक डेस्क तैयार किया जायेगा

संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को म्यूजिक में दक्ष बनाने के लिए म्यूजिक डेस्क तैयार किया जायेगा. इस डेस्क के सहयोग से स्कूली बच्चों को गीत-संगीत की बारीकियों से अवगत कराया जायेगा. इसके साथ ही स्कूली बच्चों की ओर से गाया गया गीत ही चेतना सत्र में गाया जायेगा. चेतना सत्र में रिकॉर्डेड गीतों की जगह बच्चे अब खुद वाद्य यंत्र बजा कर चेतना सत्र में शामिल होंगे. जिले के 450 हाइस्कूलों में वाद्य यंत्र बजाने और संगीत में बच्चे दक्ष बनें, इसके लिए जिले के सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूलों में म्यूजिक डेस्क बनाया जायेगा. इसके तहत स्कूलों में हारमोनियम, तबला, झाल, नाल, करताल आदि की खरीदारी की जायेगी. बच्चों को गाना गाने सहित इन वाद्य यंत्रों को बचाने के लिए संगीत के शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे. प्रत्येक उच्च माध्यमिक स्कूलों में संगीत में दक्ष बनाने के लिए 20 विद्यार्थियों का ग्रुप बनाया जायेगा. इसमें 10 लड़के और 10 लड़कियां शामिल होंगी. इसके साथ ही म्यूजिक डेस्क में शामिल विद्यार्थियों के लिए प्रखंड और जिला स्तर पर प्रतियोगिता भी आयोजित की जायेगी. प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर बढ़ावा दिया जायेगा.

सप्ताह में संगीत की दो से तीन कक्षाएं होंगी

स्कूलों में तैयार किये गये म्यूजिक डेस्क में वैसे बच्चों को ही शामिल किया जायेगा, जिनकी रुचि संगीत में होगी. इसके साथ ही छात्राओं को संगीत सिखाने के लिए म्यूजिक डेस्क की ओर से जोर दिया जायेगा. शास्त्रीय संगीत की बारीकियों को सिखाने के साथ ही विद्यार्थियों को वाद्य यंत्र बजाना भी सिखाया जायेगा. गीत में छठ जैसे पारंपरिक गाने सहित बिहारी लोकगीत पर अधिक जोर दिया जायेगा. स्कूलों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राशि उपलब्ध करायी जायेगी. वाद्य यंत्र खरीदने के लिए प्रत्येक स्कूल को 10 से 15 हजार रुपये का बजट तैयार किया जा रहा है.

स्कूलों में पहले से तैयार बैंड टीम

जिले के आधा दर्जन स्कूलों में बैंड टीम तैयार की गयी है. बैंड टीम ने इस बार 15 अगस्त के अवसर पर गांधी मैदान में आयोजित समारोह में शानदार प्रदर्शन किया था. इस बैंड टीम में केवल लड़कियां ही शामिल थीं. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद इसी के तर्ज पर स्कूल स्तर पर भी संगीत और वाद्य यंत्र बजाने वाली टीम को तैयार करने का निर्णय लिया है. राजकीय समारोह व अन्य अवसर पर ये बाल कलाकार अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करेंगे.

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