फुलवारीशरीफ. जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में एक मकान के भीतर लंबे समय से अवैध हथियार बनाने का कारोबार संचालित होने का खुलासा हुआ है. पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर मंजूर हसन को गिरफ्तार किया. उसके घर से तैयार कट्टा, कारतूस, अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के उपकरण और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए गए. पुलिस को आशंका है कि यहां तैयार किए गए देसी हथियार अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे.
नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पटना के सिटी एसपी (पश्चिम) संकेत कुमार ने बताया कि जानीपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नगवां गांव निवासी मंजूर हसन अपने घर में अवैध रूप से कट्टा तैयार कर उसे असेंबल कर रहा है. सूचना मिलते ही विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. अभियान का नेतृत्व फुलवारीशरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 दीपक कुमार ने किया. पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
सेवानिवृत्त कर्मचारी निकला आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार मंजूर हसन बिजली विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी है. अधिकारियों के अनुसार नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उसने अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई का नेटवर्क तैयार कर लिया था. पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले वर्चस्व की लड़ाई से जुड़े एक मामले में जेल भी जा चुका है.
अवैध हथियार तस्करी पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है. डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर अवैध हथियार तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
